ईरान युद्ध के चलते प्रीमियम पेट्रोल ₹2.30 प्रति लीटर तक महंगा
तेल कंपनियों ने शुक्रवार को स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में ₹2.09 से ₹2.30 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह वृद्धि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आए उछाल का सीधा परिणाम है। हालांकि, सामान्य पेट्रोल की कीमतें अपरिवर्तित रहेंगी और फिलहाल उनके दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और भारत पर असर
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम जंग के चलते लगातार बढ़ रहे हैं, जो $109.54 प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं, जबकि एक दिन पहले यह $117.98 प्रति बैरल था। भारत में कच्चे तेल की कीमतें, जिसे 'इंडियन बास्केट' कहा जाता है, लगभग दोगुनी होकर $146 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। भारत इराक, सऊदी अरब, रूस और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से तेल आयात करता है। इन सभी अलग-अलग तरह के तेलों की कीमतों का औसत ही 'इंडियन बास्केट' कहलाता है।
प्रीमियम पेट्रोल के ब्रांड और वैश्विक मानक
देश में प्रीमियम पेट्रोल विभिन्न तेल कंपनियों द्वारा अलग-अलग ब्रांड नामों से बेचा जाता है, जैसे BPCL का 'स्पीड', HPCL का 'पावर' और IOCL का 'XP95'। वैश्विक स्तर पर, कच्चे तेल को मुख्य रूप से तीन बड़े बेंचमार्क - ब्रेंट, WTI (वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट) और OPEC बास्केट - के आधार पर पहचाना और बेचा जाता है। ब्रेंट क्रूड उत्तरी सागर से निकलता है और दुनिया के दो-तिहाई तेल कारोबार का आधार है, जबकि WTI अमेरिकी बाजार का मुख्य मानक है। OPEC बास्केट खाड़ी देशों के संगठन (OPEC) द्वारा उत्पादित कच्चे तेलों का एक औसत मिश्रण है।
ईरान हमलों के बाद भविष्य की चिंता
ईरान की ओर से खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों के बाद हाल ही में ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और नेचुरल गैस की कीमतों में 30% तक की तेजी दर्ज की गई है। जंग शुरू होने के बाद से भारत में क्रूड की कीमतें लगभग दोगुनी होकर $146 डॉलर पर पहुंच गई हैं। इस लगातार वृद्धि के कारण विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम भी भविष्य में ₹10-₹15 प्रति लीटर तक बढ़ सकते हैं, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
Amit Pateria