इजराइल ने ईरान के तेल ठिकानों पर किया हमला; ट्रम्प बोले- ईरान नहीं बचेगा लड़ने लायक

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इजराइल ने ईरान के तेल ठिकानों पर किया हमला; ट्रम्प बोले- ईरान नहीं बचेगा लड़ने लायक

ईरान-इजराइल संघर्ष: नौवें दिन तेल ठिकानों पर हमला, ट्रम्प का सख्त रुख

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के नौवें दिन इजराइल ने ईरान में तेल भंडार से जुड़े ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। इजराइली मीडिया के अनुसार, ईरान के 30 फ्यूल टैंकों और कई तेल डिपो को निशाना बनाया गया है। यह कार्रवाई ईरान के सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाने के इरादे से की गई है, जिससे तेहरान के शाहरान तेल रिफाइनरी इलाके से आग और धुआं उठता देखा गया।

ट्रम्प का ईरान को आत्मसमर्पण करने का अल्टीमेटम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान पूरी तरह हार मान ले। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान या तो खुद आत्मसमर्पण करे, या उसकी सैन्य ताकत इतनी कमजोर कर दी जाए कि वह लड़ने के लायक ही न बचे। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान अब मिडिल ईस्ट का दबंग नहीं, बल्कि 'लूजर' बन गया है और उसने पड़ोसी देशों से माफी मांगी है। उनके मुताबिक, अमेरिका और इजराइल के लगातार हमलों के दबाव के कारण ऐसा हुआ है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के साथ किसी समझौते की तलाश में नहीं है और ईरान के लगभग 70 प्रतिशत रॉकेट लॉन्चर नष्ट कर दिए गए हैं, उसकी सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।

ईरान की जवाबी धमकी और क्षेत्रीय तनाव

दूसरी ओर, ईरानी सेना ने अमेरिका को धमकी दी है कि अगर उसके जहाज फारस की खाड़ी में आए, तो उन्हें समुद्र में डुबो दिया जाएगा। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी नौसेना ऑयल टैंकरों की सुरक्षा के लिए फारस की खाड़ी में जहाज भेज सकती है। ईरान ने अपने बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को 'खतरनाक कदम' बताया है और इसके बड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने छह महीने तक जंग लड़ने में सक्षम होने का दावा किया है और कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाने का भी दावा किया है।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय नुकसान

सऊदी अरब और कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले कई ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है। कुवैत में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के फ्यूल डिपो और सरकारी इमारतों पर हुए ड्रोन हमलों से भारी नुकसान हुआ है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस सैन्य अभियान को तुरंत रोकने और बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ताकत के इस्तेमाल से संकट का समाधान नहीं हो सकता।

लेबनान की राजधानी बेरूत में इजराइली हवाई हमलों में कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर है, जिससे बेघर हुए लोगों ने चौराहों पर रात बिताई। इजराइली सेना ने बेरूत में IRGC की कुद्स फोर्स के अहम कमांडरों को निशाना बनाने का दावा किया है।

अमेरिका का इजराइल को हथियार समर्थन

ट्रम्प प्रशासन ने संसद की समीक्षा प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए इजराइल को 20 हजार से अधिक बम बेचने की मंजूरी दी है, जिसकी कीमत करीब 65 करोड़ डॉलर है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसे आपात स्थिति बताकर त्वरित मंजूरी दी।

यह संघर्ष लगातार जारी है, जिससे मध्य पूर्व और वैश्विक स्तर पर तनाव बना हुआ है।

Lokendra Mishra