इमरान खान की सेहत पर अफवाहों के बीच बहन से जेल में मुलाकात
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और PTI संस्थापक इमरान खान को लेकर पिछले कई दिनों से मौत और गंभीर बीमारी की अफवाहें चल रही थीं। इसी बीच उनकी बहन उज्मा खान ने रावलपिंडी की अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की और बाहर आकर उनकी स्थिति और जेल में हो रहे बर्ताव पर गंभीर आरोप लगाए।
बहन उज्मा ने कहा- इमरान जिंदा और शारीरिक रूप से ठीक, पर मानसिक प्रताड़ना
उज्मा खान ने मंगलवार को अडियाला जेल में अपने भाई इमरान खान से लगभग 20 मिनट तक मुलाकात की। बाहर आकर उन्होंने बताया कि इमरान खान शारीरिक रूप से बिल्कुल ठीक हैं, लेकिन उन्हें जेल में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उज्मा ने इस प्रताड़ना के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि वह आगे की विस्तृत जानकारी अपनी बहनों अलीमा खान और नोरीन खान से चर्चा के बाद साझा करेंगी। बताया गया कि मुलाकात से पहले भी उज्मा ने अलीमा से लंबी बातचीत की थी। यह मुलाकात खास इसलिए भी रही क्योंकि परिवार का कोई सदस्य इमरान खान से 27 दिन बाद मिल सका। इससे पहले 5 नवंबर को उनकी बहन नौरीन खान जेल में उनसे मिली थीं।
मौत की अफवाहें, मुलाकात पर रोक और देशभर में विरोध
बीते सप्ताह जब इमरान खान के समर्थक और परिवारजन उनसे मिलने जेल पहुंचे तो प्रशासन ने उन्हें इजाजत नहीं दी। इसके बाद यह अफवाह फैलने लगी कि इमरान खान की मौत हो चुकी है और सरकार इसे छिपा रही है। इन खबरों के बाद पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए, जिनकी वजह से रावलपिंडी से इस्लामाबाद तक हाई अलर्ट जारी करना पड़ा।
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर और अडियाला जेल के सामने बड़े विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया था। PTI नेताओं का आरोप है कि अदालत के आदेश के बावजूद जेल प्रशासन इमरान से मुलाकात की अनुमति नहीं दे रहा और न्यायपालिका भी अपने आदेशों को लागू कराने में नाकाम रही है।
रावलपिंडी में धारा 144, सभाओं और रैलियों पर रोक
बढ़ते तनाव को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने रावलपिंडी में 1 से 3 दिसंबर तक सार्वजनिक सभा, रैली, जुलूस, धरना और पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है। जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। डिप्टी कमिश्नर डॉ. हसन वकार के आदेश के तहत हथियार, लाठी, गुलेल, पेट्रोल बम और विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
इसी आदेश में नफरत फैलाने वाले भाषण, पुलिस की बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश, दो लोगों का एक मोटरसाइकिल पर पीछे बैठना और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है। प्रशासन का दावा है कि खुफिया रिपोर्टों से संकेत मिला है कि कुछ संदिग्ध संगठन बड़े पैमाने पर लोगों को जुटाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और संवेदनशील सरकारी इमारतों पर हमला करने की योजना बना रहे हैं, इसलिए यह कड़े कदम उठाए गए हैं।
PTI का आरोप- अदालत का आदेश लागू नहीं, मुलाकात लगातार रोकी जा रही
PTI नेता असद कायसर ने कहा कि संसद के दोनों सदनों के विपक्षी सांसद इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर प्रदर्शन करेंगे और फिर अपना धरना अडियाला जेल तक ले जाएंगे। उनका कहना है कि अदालत ने इमरान से मुलाकात की अनुमति दी है, लेकिन जेल प्रशासन इसे लागू नहीं कर रहा और सरकार अदालत के आदेशों का सम्मान नहीं कर रही।
उन्होंने याद दिलाया कि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री को भी कई बार इमरान से मिलने से रोका गया। पिछले सप्ताह KP के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी जेल के बाहर आठवीं बार मुलाकात न मिलने के विरोध में धरने पर बैठ गए थे। PTI का कहना है कि इमरान के परिवार के सदस्यों को भी कई सप्ताह से उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिल रही है।
खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन पर विचार और CM की पिटाई
इस राजनीतिक टकराव के बीच पाकिस्तान के न्याय राज्य मंत्री अकील मलिक ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा और प्रशासन की स्थिति बेहद खराब है, इसलिए वहां राष्ट्रपति शासन लगाए जाने पर विचार किया जा रहा है। उनके मुताबिक CM सोहेल अफरीदी न तो केंद्र सरकार से तालमेल बना पा रहे हैं और न ही आवश्यक कदम उठा रहे हैं।
दूसरी तरफ, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 27 नवंबर को जब सोहेल अफरीदी इमरान खान से मिलने अडियाला जेल पहुंचे, तो भारी सुरक्षा और बढ़ती भीड़ के बीच पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। धक्का-मुक्की के दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूंसे मारे। PTI का आरोप है कि यह कार्रवाई सेना के आदेश पर की गई और यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है।
मुख्यमंत्री अफरीदी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इमरान खान की सेहत और सुरक्षा पर उठे सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं देती तो वह जनता के साथ सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि अगर इमरान को कुछ हुआ तो उसकी पूरी जिम्मेदारी मौजूदा सरकार पर होगी।
इमरान के बेटे कासिम के गंभीर आरोप और 'डेथ सेल' का दावा
इमरान खान के बेटे कासिम खान ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि उनके पिता को 845 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था और पिछले छह सप्ताह से उन्हें अकेले एक 'डेथ सेल' में रखा गया है। कासिम के मुताबिक उनकी बुआ को भी अपने भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा, और यह सब किसी सुरक्षा नियम के चलते नहीं, बल्कि जानबूझकर किया जा रहा है।
कासिम ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह इमरान खान की असली स्थिति छिपा रही है और परिवार को उनके जिंदा होने का स्पष्ट सबूत नहीं दे रही। इसी तरह इमरान की बहनें भी लगातार प्रशासन से मुलाकात की अनुमति और उनकी सेहत संबंधी पारदर्शी जानकारी की मांग कर रही हैं।
मौत की अफवाहों ने बढ़ाया सियासी टकराव
इमरान खान की मौत की अफवाहों ने पाकिस्तान की सियासत में तनाव और बढ़ा दिया है। PTI कार्यकर्ता और समर्थक कई दिनों से धरने-प्रदर्शन कर रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी अडियाला जेल के बाहर रात भर धरना दिया था और सैकड़ों कार्यकर्ता उनके साथ मौजूद रहे। सुबह जेल के सामने ही फज्र की नमाज अदा की गई।
अगले दिन अफरीदी ने धरना खत्म करते हुए घोषणा की कि वह अब इस्लामाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। PTI का कहना है कि इमरान से मुलाकात रोकना और उनकी सेहत की जानकारी न देना जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ है और यह लोकतांत्रिक मानकों के खिलाफ है।
निष्कर्ष: इमरान खान की सेहत पर भरोसे का संकट और सत्ता बनाम विपक्ष की जंग
उज्मा खान की मुलाकात ने यह तो साफ कर दिया कि इमरान खान जिंदा हैं और शारीरिक रूप से ठीक हैं, लेकिन मानसिक प्रताड़ना, 'डेथ सेल' में रखने और मुलाकात पर पाबंदी के आरोपों ने पाकिस्तान की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। एक तरफ सरकार और सेना कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का हवाला देकर सख्त प्रतिबंध लगा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ PTI इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और न्यायिक आदेशों की अवहेलना बता रही है।
इमरान खान की सेहत और सुरक्षा पर पारदर्शी जानकारी न मिलने से न केवल उनका परिवार, बल्कि समर्थकों के बीच भी अविश्वास गहराता जा रहा है। आने वाले दिनों में अदालतों के फैसले, सरकार का रुख और सेना की भूमिका तय करेगी कि यह टकराव किस दिशा में जाता है और पाकिस्तान का राजनीतिक संकट कितना गहरा होता है।
Gulzar Ahmad