इंदौर के अस्पताल में चूहों की घटना पर हाईकोर्ट की सुनवाई
इंदौर के एमवाय अस्पताल में नवजातों की मौत के मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। घटना के बाद सरकार ने विस्तृत रिपोर्ट पेश की, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि मौत का कारण चूहों के काटने से नहीं था।
रिपोर्ट में मौत के अन्य कारणों का उल्लेख
सरकारी रिपोर्ट में नवजातों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का हवाला दिया गया, जिसमें उनके अंगों के पूरी तरह विकसित न होने और अन्य बीमारियों का जिक्र था। साथ ही पहली घटना 30 अगस्त को और दूसरी घटना 31 अगस्त को हुई थी।
भविष्य में घटनाएं रोकने के लिए कदम
सरकार ने हाईकोर्ट में आश्वासन दिया कि नवजात यूनिट्स को सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा और वहां फ्यूमीगेशन व पेस्ट कंट्रोल सुनिश्चित किया जाएगा। कोर्ट ने निजी पेस्ट कंट्रोल कंपनी पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता जताई।
हाईकोर्ट ने इस मामले को सार्वजनिक स्वास्थ्य और मौलिक अधिकारों से जुड़ा मानते हुए 15 सितंबर तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। इस घटना ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।
इस पूरे मामले से यह स्पष्ट होता है कि भविष्य में ऐसी अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। कोर्ट ने इस दिशा में कार्रवाई का निर्देश दिया है।