मध्य प्रदेश में 26 IAS अफसरों के तबादले, दिलीप यादव बने पर्यटन विकास निगम के MD
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 26 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस सूची में प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव, सचिव और उपसचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। आदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दावोस यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले रविवार शाम को जारी किए गए।
इंदौर दूषित जल कांड के बाद दिलीप यादव को नई जिम्मेदारी
इंदौर दूषित जल प्रकरण के बाद नगर निगम कमिश्नर पद से हटाए गए IAS अधिकारी दिलीप यादव को 16 दिन के भीतर नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक (MD) नियुक्त किया गया है। इससे पहले 2 जनवरी को उन्हें पंचायत एवं ग्राम संबंधित विभाग में भेजा गया था।
वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में बदलाव
तबादला सूची में कई वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यभार में परिवर्तन किया गया है। शिवशेखर शुक्ला को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव के रूप में पूर्णकालिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब तक यह विभाग उनके पास अतिरिक्त प्रभार के रूप में था, जबकि उनके पुराने विभाग पूर्ववत रहेंगे।
स्वतंत्र कुमार सिंह को गैस राहत एवं त्रासदी विभाग के सचिव पद से हटाकर मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास विभाग का सचिव बनाया गया है। इसी तरह 1996 बैच के IAS उमाकांत उमराव से खनिज साधन विभाग वापस ले लिया गया है, हालांकि वे पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव बने रहेंगे।
ऊर्जा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों में फेरबदल
2008 बैच के विशेष गढ़पाले को सचिव, ऊर्जा विभाग और एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी, जबलपुर के साथ-साथ मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। 2010 बैच के तरुण राठी को आयुक्त, स्वास्थ्य सेवाएं से हटाकर आयुक्त, आदिवासी विकास बनाया गया है।
शोभित जैन को खाद्य विभाग के सचिव पद से हटाकर पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव पद पर भेजा गया है। इसके अलावा, कुछ अधिकारियों को अपर सचिव से सचिव पद पर पदोन्नत कर स्वतंत्र रूप से विभागों का प्रभार सौंपा गया है।
अनय द्विवेदी और राजेश ओगरे की नई तैनाती
तीन साल से अधिक समय तक जबलपुर में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक रहे अनय द्विवेदी को आयुक्त, वाणिज्यिक कर, इंदौर नियुक्त किया गया है। वहीं, राज्य सूचना आयोग में लंबे समय से पदस्थ अपर सचिव राजेश कुमार ओगरे को वाणिज्यिक कर विभाग का सचिव बनाया गया है।
राजस्व विभाग में पदस्थ गौतम सिंह को आयुक्त, गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की जिम्मेदारी दी गई है।
सीनियर अफसरों पर भरोसा और नए प्रभार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों के अतिरिक्त प्रभार के माध्यम से वरिष्ठ अफसरों पर भरोसा जताया है। प्रमुख सचिव से निचले स्तर के कई सचिवों को पहली बार स्वतंत्र रूप से विभागों का प्रभार मिला है। इनमें शोभित जैन, स्वतंत्र कुमार, इलैया राजा, जॉन किंग्सले, आलोक सिंह और श्रीमन शुक्ला शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग में भी तीन अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है, जिनमें धनराजू एस, राहुल हरिदास और दिशा नागवंशी के नाम शामिल हैं।
नए अपर कलेक्टरों को फिलहाल SDM का काम
राज्य को हाल ही में 29 नए अपर कलेक्टर मिले हैं, लेकिन इन्हें फिलहाल कम से कम दो माह तक एसडीएम या कलेक्टर कार्यालय में प्रभारी अधिकारी के रूप में काम करना होगा। इन अधिकारियों की बेहतर गोपनीय चरित्रावली (CR) के आधार पर उन्हें वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान (संयुक्त कलेक्टर) से प्रवर श्रेणी वेतनमान (अपर कलेक्टर) देने का आदेश जारी किया गया है।
इन तबादलों और पदोन्नतियों के साथ राज्य सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण करते हुए कई अहम पदों पर नए चेहरों को मौका दिया है।
Adarsh Chaurasiya