इंदौर दूषित पानी कांड पर सियासत तेज, जीतू पटवारी का 30 से ज्यादा मौतों का दावा

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इंदौर दूषित पानी कांड पर सियासत तेज, जीतू पटवारी का 30 से ज्यादा मौतों का दावा

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों पर विवाद, कांग्रेस का बड़ा दावा

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप और इससे हुई मौतों को लेकर राजनीतिक तनाव गहरा गया है। एक ओर स्वास्थ्य विभाग विस्तृत सर्वेक्षण और उपचार का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने सरकारी आंकड़ों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

जीतू पटवारी का दावा: 17 नहीं, 30 से ज्यादा लोगों की मौत

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतेंद्र (जीतू) पटवारी ने आरोप लगाया कि भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों की वास्तविक संख्या सरकार द्वारा बताए गए आंकड़ों से कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अब तक आधिकारिक तौर पर 17 मौतों की बात कही जा रही है, जबकि उनकी जानकारी के अनुसार मौतों का आंकड़ा 30 से अधिक है।

पटवारी ने भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और प्रशासनिक तंत्र की ओर से मीडिया को प्रभावित क्षेत्र में जमीनी हालात देखने से रोका जा रहा है। उनके अनुसार, यदि भागीरथपुरा के हर घर का व्यापक सर्वे कराया जाए, तो मौतों की असली संख्या सामने आ जाएगी।

भाजपा नेताओं और प्रशासन पर गंभीर आरोप

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस पूरे प्रकरण के लिए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय को उनके पद से हटाए जाने की मांग की। साथ ही, उन्होंने इंदौर की मेयर और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की भी मांग उठाई।

पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इंदौर को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। उन्होंने कहा कि दूषित पेयजल जैसी गंभीर समस्या पर सरकार की उदासीनता आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ रही है।

स्वास्थ्य विभाग का सर्वे और इलाज की स्थिति

दूसरी तरफ, स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में उल्टी-दस्त के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए व्यापक स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जा रहा है। उनके अनुसार, अब तक 2,354 घरों के 9,416 लोगों की जांच की गई है। इस सर्वेक्षण के दौरान उल्टी-दस्त के 20 नए मरीज सामने आए हैं।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रकोप शुरू होने के बाद से अब तक कुल 398 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किया गया। इनमें से 256 मरीजों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई है। वर्तमान में 142 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें 11 मरीजों का इलाज गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में चल रहा है।

स्वच्छता की छवि वाले इंदौर में पेयजल संकट की चुनौती

देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचाने जाने वाले इंदौर के लिए यह पेयजल संकट और उससे उत्पन्न स्वास्थ्य आपदा बड़ी चिंता का विषय बन गया है। एक ओर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्र में रोगियों की पहचान, उपचार और निगरानी का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल इस घटना को सरकार की लापरवाही और सिस्टम की विफलता के रूप में सामने ला रहे हैं।

दूषित पानी से फैली इस बीमारी और मौतों के वास्तविक आंकड़ों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच पैदा हुआ मतभेद फिलहाल दूर होता नहीं दिख रहा। आने वाले दिनों में विस्तृत सर्वे रिपोर्ट और आधिकारिक जांच से ही स्थिति की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

Pushpendra Chaubey