इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 5 की मौत, 70 से ज्यादा सैंपल जांच में

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इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 5 की मौत, 70 से ज्यादा सैंपल जांच में

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 5 लोगों की मौत, कई बीमार

देश के सबसे स्वच्छ शहर माने जाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में कथित रूप से दूषित पेयजल पीने से पांच लोगों की मौत हो गई और कई लोग बीमार पड़ गए। इलाके के 35 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों की पहचान नंदलाल पाल (75), उर्मिला यादव (69), उमा कोरी (31), मंजुला पति दिगंबर (74) और सीमा प्रजापत के रूप में हुई है।

पानी की मेन लाइन के नीचे शौचालय से लीकेज की आशंका

भागीरथपुरा स्थित चौकी से सटे शौचालय के नीचे पानी की मेन लाइन में लीकेज पाया गया है। आशंका जताई जा रही है कि इसी लीकेज के कारण दूषित पानी पीने के पानी की पाइपलाइन में मिला होगा। जांच एजेंसियां लीकेज और जल आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा, परिजनों को आर्थिक सहायता

मामले की जानकारी मिलने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना का संज्ञान लिया और मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहे।

कैलाश विजयवर्गीय और महापौर ने किया दौरा, इलाज का खर्च सरकार उठाएगी

राज्य के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को भागीरथपुरा इलाके का दौरा किया और अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र से पानी के 70 से अधिक नमूने जांच के लिए लिए गए हैं और सभी मरीजों का इलाज सरकार के खर्च पर होगा। जो लोग पहले ही इलाज के लिए राशि जमा कर चुके हैं, उन्हें रिफंड कराया जाएगा।

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौतों के बारे में अंतिम और स्पष्ट जानकारी स्वास्थ्य विभाग से मिलेगी और जो भी इस घटना के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पानी की वैकल्पिक व्यवस्था और हेल्पलाइन नंबर जारी

घटना के बाद नगर निगम की ओर से इलाके में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 50 टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है। इसके साथ ही लोगों की शिकायतें सुनने और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 7440440511 जारी किया गया है, जिस पर निवासी संपर्क कर सकते हैं।

परिजनों का आरोप, डॉक्टरों की रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट

भागीरथपुरा निवासी 75 वर्षीय नंदलाल पाल ने मंगलवार सुबह वर्मा नर्सिंग होम में दम तोड़ा। उन्हें 28 दिसंबर को उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया और मेडिकल हिस्ट्री में सामने आया कि वे उच्च रक्तचाप के मरीज थे और नियमित दवा नहीं लेते थे। डॉक्टरों का कहना है कि इन्हीं कारणों से कार्डियक अरेस्ट की आशंका बनी।

इसके विपरीत, नंदलाल के परिजनों का आरोप है कि दूषित पानी पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और उसी के कारण उनकी मौत हुई। अन्य मृत महिलाओं के परिजन भी दावा कर रहे हैं कि पानी पीने के तुरंत बाद उनकी तबीयत अचानक खराब हुई, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।

जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष की प्रतीक्षा

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। पानी के नमूनों की रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और पोस्टमॉर्टम जैसे तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि मौतों का सीधा कारण दूषित पानी था या अन्य चिकित्सीय कारण। फिलहाल सरकार ने राहत और इलाज की जिम्मेदारी लेते हुए लोगों को भरोसा दिलाया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

L. N. Bhargava