इंदौर में चाइनीज मांझे से 8वीं के छात्र की मौत

· 1 min read
इंदौर में चाइनीज मांझे से 8वीं के छात्र की मौत

इंदौर में चाइनीज मांझे से 8वीं के छात्र की दर्दनाक मौत

मध्य प्रदेश के इंदौर में चाइनीज मांझे की वजह से एक और दर्दनाक हादसा सामने आया है। तेजाजी नगर बायपास पर 16 वर्षीय आठवीं कक्षा के छात्र की पतंग की डोर से गर्दन कटने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।

घटना कैसे हुई

मृतक छात्र की पहचान ओमेक्स सिटी निवासी गुलशन पिता रामकिशन के रूप में हुई है। वह रविवार को अपने भाई अरुण और दोस्तों विशाल व कृष्णा के साथ बाइक से रालामंडल घूमने गया था। वापस लौटते समय तेजाजी नगर बायपास पर अचानक सड़क के बीच में पतंग की डोर आ गई, जो सीधे गुलशन की गर्दन में फंस गई।

डोर के फंसते ही गुलशन की गर्दन पर गहरा कट लग गया और तेज खून बहने लगा। पीछे बैठे भाई और दोस्तों ने तुरंत डोर पकड़कर हटाने की कोशिश की, जिससे उनके हाथों में भी चोटें आईं, लेकिन गुलशन की हालत तेजी से बिगड़ती चली गई।

मदद और अस्पताल में हालात

घटना के समय वहां से गुजर रही एक कार में सवार परिवार ने तुरंत मदद की। उन्होंने घायल छात्र को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर हालत और अधिक रक्तस्राव के चलते डॉक्टरों ने इलाज शुरू करने से इनकार कर दिया। इसके बाद वही परिवार गुलशन को एमवाय अस्पताल लेकर गया।

एसीपी राजेश बिलवाल के अनुसार, गुलशन की चोट बहुत गंभीर थी और ज्यादा खून बह जाने के कारण उसने अस्पताल पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजकर जांच शुरू कर दी है।

परिवार की आर्थिक स्थिति और गुलशन की जिम्मेदारियां

गुलशन के भाई अरुण ने बताया कि परिवार मूल रूप से अशोक नगर जिले के ठीकरी क्षेत्र का रहने वाला है। पिता रामकिशन मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गुलशन आठवीं कक्षा में पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की आर्थिक मदद के लिए छोटा-मोटा काम भी करता था।

अरुण के अनुसार, हादसे के समय वह खुद बाइक चला रहा था। जैसे ही डोर सामने आई, उसने और दोस्तों ने उसे पकड़कर हटाने की कोशिश की, लेकिन तब तक गुलशन बुरी तरह घायल हो चुका था।

चाइनीज मांझे पर पहले से लगा है प्रतिबंध

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने 25 नवंबर को ही जिले में चाइनीज मांझे के इस्तेमाल, बिक्री और भंडारण पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि इस तरह की डोर से इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी गंभीर चोट और जान का खतरा रहता है, इसलिए इसे पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।

कलेक्टर के आदेश के अनुसार, प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद शहर में चाइनीज मांझे की उपलब्धता और उसके कारण हुई इस घटना ने प्रशासनिक सख्ती पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस जांच जारी, डोर की प्रकृति की होगी पुष्टि

तेजाजी नगर थाने के टीआई देवेंद्र मरकाम ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर हादसा पतंग की डोर से होने की पुष्टि हुई है, लेकिन डोर चाइनीज मांझा था या नहीं, इसकी तकनीकी और विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारी का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

निष्कर्ष

इंदौर में हुई यह घटना चाइनीज मांझे के खतरों की फिर से कड़ी याद दिलाती है। प्रशासन ने भले ही इसके उपयोग पर प्रतिबंध लगा रखा हो, लेकिन जमीन पर इसके पालन में कमी साफ दिख रही है। एक स्कूली छात्र की जान जाने के बाद जरूरत है कि प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए, जागरूकता बढ़ाई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

Gulzar Ahmad