इंडिगो की सैकड़ों फ्लाइट रद्द, मध्यप्रदेश में यात्री फंसे
इंडिगो एयरलाइन में क्रू मेंबर्स की कमी और नए नियमों की वजह से देशभर में बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हो रही हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर मध्यप्रदेश के इंदौर और भोपाल जैसे शहरों पर दिख रहा है। बीते तीन दिनों में प्रदेश से 150 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं, जिनमें से करीब 100 उड़ानें सिर्फ इंदौर से रद्द की गईं।
इंदौर एयरपोर्ट पर यात्रियों की मुश्किलें
दिल्ली से परिवार के साथ इंदौर घूमने आए यात्री अक्षय मेहरोत्रा ने बताया कि वे दो दिन से इंदौर में फंसे हुए हैं। उनकी शुक्रवार शाम की फ्लाइट थी, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर मालूम हुआ कि उड़ान रद्द हो गई है। उनके अनुसार, इंडिगो की ओर से पर्याप्त सहायता नहीं मिली और काफी देर काउंटर पर खड़े रहने के बाद केवल इतना विकल्प दिया गया कि या तो रिफंड लें या फिर सोमवार की फ्लाइट बुक कराएं, क्योंकि उससे पहले कोई उड़ान उपलब्ध नहीं है।
इंदौर एयरपोर्ट पर कई यात्रियों को इसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोग कई गुना महंगा टिकट लेकर दूसरी एयरलाइन से जाने को मजबूर हैं, जबकि कई यात्रियों के पास इंतजार के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
शादी, इंटरव्यू और जरूरी काम पर पड़ा असर
यात्री अर्चना गुरेजा की इंदौर से गोवा की सुबह वाली फ्लाइट पहले देर रात आए मैसेज से शाम के लिए री-शेड्यूल की गई, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर वह फ्लाइट भी रद्द हो गई। उनके रिश्तेदार कार से गोवा पहुंच चुके हैं, जबकि वे इंदौर में ही फंसी हैं।
मुंबई से इंदौर आई एक यात्री रिद्धि ने बताया कि उन्हें शुक्रवार को वापस मुंबई लौटना था, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचकर पता चला कि फ्लाइट कैंसिल हो गई है। उनके मुताबिक, इंडिगो की ओर से पहले कोई मैसेज या कॉल नहीं आया। कंपनी सिर्फ रिफंड या बाद की फ्लाइट में री-शेड्यूल का विकल्प दे रही है।
एक अन्य महिला यात्री, जिन्होंने अपना नाम न बताने की शर्त रखी, इंदौर से चेन्नई वीजा इंटरव्यू के लिए जा रही थीं। उनका शनिवार को चेन्नई में यूएस वीजा इंटरव्यू तय था, लेकिन इंडिगो ने उड़ान ठीक एक घंटे पहले रद्द कर दी। अब वे समय पर चेन्नई नहीं पहुंच पाएंगी और उन्हें इंटरव्यू दोबारा शेड्यूल कराना पड़ेगा, जिसमें एक से दो महीने तक का इंतजार हो सकता है।
ग्वालियर के जतिन भदौरिया को अर्जेंट काम से दिल्ली जाना था, लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने के बाद उन्हें ट्रेन से निकलना पड़ा। ट्रेन में भी उन्हें कन्फर्म टिकट नहीं मिल सका।
होटल, फंक्शन और ट्रैवल प्लान पर असर
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया की मध्यप्रदेश कमेटी के चेयरमैन सुमित सूरी ने बताया कि फ्लाइट कैंसिल होने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। शादी के सीजन में पहले से ही होटलों में भारी बुकिंग है, जिससे रूम मिलना मुश्किल हो रहा है और कई फंक्शन कैंसिल या प्रभावित हो रहे हैं।
ट्रैवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया के अनुसार, जिन उड़ानों का संचालन हो रहा है, वे पूरी तरह भरी हुई हैं और आखिरी खाली सीटें सामान्य किराए से 4 से 5 गुना ज्यादा दाम पर बेची जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर से दिल्ली जाने वाली उड़ानों में एक टिकट का किराया 36 हजार रुपए तक पहुंच गया। कई यात्रियों की इंदौर से दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों के जरिए आगे की इंटरनेशनल फ्लाइट कनेक्टिविटी भी टूट गई है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
फ्लाइट रद्द होने के पीछे नियमों में बदलाव
इंडिगो एयरलाइन इस समय क्रू मेंबर्स की गंभीर कमी से जूझ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर, भोपाल, दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद सहित कई एयरपोर्ट पर कुल मिलाकर 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द की गईं और यात्री 24-24 घंटे तक उड़ानों का इंतजार कर रहे हैं।
इस स्थिति की मुख्य वजह नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा पायलटों और अन्य क्रू मेंबर्स के काम के घंटे से जुड़े नियमों में किया गया बदलाव है, जिन्हें फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नाम दिया गया है। ये नियम दो चरणों में लागू किए गए। पहला चरण 1 जुलाई से और दूसरा 1 नवंबर से लागू हुआ।
नए नियमों के तहत यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पायलटों और क्रू को पर्याप्त आराम देना अनिवार्य किया गया है। इसके कारण एयरलाइन कंपनियों के ऑपरेशन प्लान में बदलाव आया और अचानक पायलटों व क्रू की कमी महसूस होने लगी, जिसका असर सीधे उड़ानों की संख्या पर पड़ा।
मध्यप्रदेश में रद्द उड़ानों का आंकड़ा
पिछले तीन दिनों में मध्यप्रदेश से 150 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं। सिर्फ इंदौर में करीब 100 फ्लाइट्स कैंसिल की गईं, जबकि शुक्रवार को भोपाल से 18 और जबलपुर से 5 उड़ानें रद्द रहीं। पहले की एक रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि इंडिगो की 65 से ज्यादा फ्लाइट्स मध्यप्रदेश से रद्द हुई थीं और बीते चार दिनों में इंदौर, भोपाल, दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद सहित कई एयरपोर्ट पर 500 से ज्यादा उड़ानें नहीं उड़ सकीं।
इस व्यापक रद्दीकरण के चलते न सिर्फ घरेलू यात्रा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, शादी-ब्याह, नौकरी से जुड़े इंटरव्यू और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों पर भी गहरा असर पड़ा है।
Gulzar Ahmad