मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नवाचार करने वाले किसानों के सम्मान और संरक्षण पर जोर दिया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान कल्याण और कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में ऐसे किसानों को सम्मानित करने की घोषणा की, जो एक बीघा भूमि से एक लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेती में नए प्रयोग और तकनीकों से जुड़ी जानकारी देने के लिए किसानों को अलग-अलग देशों का भ्रमण कराया जाना चाहिए, ताकि वे वैश्विक स्तर पर हो रहे नवाचारों से सीधे रूबरू हो सकें।
किसानों को बिचौलियों से बचाने और सीधी बाजार पहुंच की बात
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को बिचौलियों से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे किसान अपनी उपज सीधे बाजार तक पहुंचा सकें और उन्हें बेहतर मूल्य मिल सके।
अचानक टली समीक्षा के बाद विस्तृत बैठक
किसान कल्याण और कृषि विभाग के दो वर्षों के कार्यों की समीक्षा बैठक दो दिन पहले अचानक टाल दी गई थी, क्योंकि मुख्यमंत्री दिल्ली चले गए थे। इसके बाद शुक्रवार को विभाग के मंत्री और अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी तीन वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना की जानकारी ली गई। बैठक में कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, पशुपालन मंत्री लखन पटेल और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी मौजूद रहे।
नर्सरियों और नरवाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि हर संभाग की नर्सरियों को आदर्श रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे मॉडल के रूप में प्रस्तुत हो सकें। उन्होंने नरवाई प्रबंधन के लिए तीन वर्ष की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि खेतों में अवशेष प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से हो और किसानों को बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकें।
खाद की आसान उपलब्धता और तकनीक का उपयोग
बैठक में किसानों तक खाद की आसान पहुंच सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद वितरण और उपलब्धता की पूरी व्यवस्था में अपडेट तकनीक का उपयोग करते हुए कार्ययोजना बनाई जाए, जिससे किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद मिल सके।
विभाग की उपलब्धियों और नवाचारों की प्रस्तुति
समीक्षा के दौरान विभाग की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों और किए गए नवाचारों का प्रस्तुतिकरण किया गया। इसमें विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और कृषि से जुड़ी पहल का विवरण रखा गया। इसके आधार पर आगामी तीन वर्षों के लिए प्राथमिकताएं तय की गईं और अधिकारियों को आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए।
निष्कर्ष: नवाचार और योजना आधारित कृषि पर जोर
पूरी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट संकेत दिया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता नवाचार आधारित खेती, वैज्ञानिक प्रबंधन और किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगी। एक बीघा से अधिक आय अर्जित करने वाले किसानों को सम्मानित करने और उन्हें विदेश भ्रमण का अवसर देने की बात, इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है। साथ ही, नर्सरियों के उन्नयन, नरवाई प्रबंधन और खाद की आसान उपलब्धता जैसे मुद्दों को आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है।
Amit Pateria