जैसलमेर बस अग्निकांड: पीड़ितों के लिए मुआवजा और SIT जांच
जैसलमेर बस अग्निकांड में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीड़ितों के लिए आर्थिक मुआवजा पैकेज की घोषणा की है। जिन परिवारों में तीन या उससे अधिक लोगों की मौत हुई है, उन्हें 25 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। एक परिवार से एक या दो मौत होने पर प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपए दिए जाएंगे। गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 2 लाख और साधारण रूप से घायल व्यक्तियों को 1 लाख रुपए मुआवजा मिलेगा।
पीड़ित परिवारों का विरोध प्रदर्शन
मृतकों के परिजन जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में धरने पर बैठ गए हैं। वे उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे और शव लेने से इनकार कर दिया था। हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है, जिसमें 54 वर्षीय भागा बानो की अस्पताल में मौत शामिल है।
हादसे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। बस चित्तौड़गढ़ जिला परिवहन कार्यालय में पंजीकृत थी। इस मामले में चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नीलाल को सस्पेंड किया गया है।
हादसे की पृष्ठभूमि
यह घटना 14 अक्टूबर को हुई, जब जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक प्राइवेट एसी स्लीपर बस में आग लग गई। हादसे में 19 लोग मौके पर ही जिंदा जल गए और अन्य ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अब भी 5 मरीज वेंटिलेटर पर हैं, जबकि 8 को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।