जबलपुर बरगी डैम हादसे में क्रूज पायलट और स्टाफ पर FIR का आदेश
कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर पुलिस को दो दिन में रिपोर्ट तलब की
जबलपुर की एक अदालत ने बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे के संबंध में स्वत: संज्ञान लेते हुए क्रूज के पायलट और स्टाफ के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार की कोर्ट ने कहा कि पायलट ने <लापरवाही> से क्रूज चलाया, जिससे कई लोगों की मौत हो गई।
अदालत ने मंगलवार को कहा कि पायलट को क्रूज की गतिविधियों की जानकारी थी, फिर भी उसने सवार लोगों को डूबता छोड़कर अपनी जान बचा ली। यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 और 110 के तहत <अपराध> है। अदालत ने चिंता जताई कि यदि FIR और जांच नहीं हुई, तो भविष्य में भी नाव या क्रूज चालक ऐसी <अनहोनी> की स्थिति में यात्रियों को छोड़कर भाग सकते हैं, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है।
कोर्ट ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि अब तक इस <हादसे> में किसी के खिलाफ कोई <कानूनी कार्रवाई> नहीं हुई थी और पुलिस ने भी कोई FIR दर्ज नहीं की थी। जबलपुर पुलिस को निर्देश दिया गया है कि मामले में FIR दर्ज कर दो दिनों के भीतर न्यायालय को सूचित किया जाए। अदालत ने <जान बचाने वाले > लोगों की सराहना भी की।
कर्मचारियों पर कार्रवाई और निलंबन
इस मामले में <क्रूज> के को-पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। महेश पटेल हादसे से पहले क्रूज चला रहे थे। होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को <लापरवाही> के आरोप में निलंबित किया गया है। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ <विभागीय जांच> शुरू की गई है।
को-पायलट का बयान
को-पायलट महेश पटेल ने बताया था कि <क्रूज> का एक इंजन <स्लो> था और तीन साल पहले इसका <मेंटेनेंस> हुआ था। <हादसे> से पहले इंजन ने काम करना बंद कर दिया था। पटेल के अनुसार, उन्हें <ऊपर से कोई निर्देश> नहीं मिला था कि क्रूज संचालन रोकना है या <यलो अलर्ट> था। यदि स्पष्ट निर्देश मिलते तो वे क्रूज को पानी में नहीं उतारते।
इस <दर्दनाक घटना> के बाद <अस्पताल> में <पीड़ितों> के <बिल> को लेकर भी <संवेदनहीनता> के आरोप लगे थे, जहां <जान बचाने> के बाद <बिल की चिंता> ज्यादा दिखाई गई।
Bhavanesh Soni