जबलपुर में दशहरा समारोह के दौरान भाजपा-कांग्रेस समर्थकों में विवाद, हवाई फायरिंग

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जबलपुर में दशहरा समारोह  के दौरान भाजपा-कांग्रेस समर्थकों में विवाद, हवाई फायरिंग

जबलपुर में दशहरा समारोह के दौरान भाजपा-कांग्रेस समर्थकों में विवाद

जबलपुर में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात दशहरा समारोह के दौरान भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच बड़ा विवाद हुआ। यह घटना कांचघर इलाके में हुई, जहां दुर्गा पूजन के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी से मारपीट और हवाई फायरिंग तक मामला बढ़ गया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और स्थिति को नियंत्रित किया गया।

घटना का विवरण

घटना रात करीब 1 से 2 बजे के बीच की है। कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया और भाजपा के पूर्व मंत्री अंचल सोनकर के समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों के अलग-अलग मंच बने हुए थे। इस दौरान दुर्गा प्रतिमा के पूजन को लेकर विवाद शुरू हुआ। गाली-गलौज से बढ़ते हुए यह विवाद हिंसा में बदल गया। इस बीच किसी ने हवाई फायरिंग कर दी, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई।

हवाई फायरिंग और मारपीट

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। एक युवक, जिसका नाम पिंटू अन्ना बताया जा रहा है, गोली लगने से घायल हुआ। घटना स्थल पर टूटी हुई कुर्सियां और बिखरा हुआ मंच विवाद की गंभीरता को दर्शाते हैं।

पुलिस का हस्तक्षेप

जबलपुर एसपी और चार थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि कांचघर में भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसके कारण विवाद हुआ। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भीड़ को अलग किया और स्थिति को शांत किया। विवाद की असल वजह का पता लगाया जा रहा है।

विधायकों की अपील

कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया और भाजपा के पूर्व मंत्री अंचल सोनकर ने अपने-अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। दोनों नेताओं ने मिलकर जनता से विवाद को खत्म करने की अपील की। हालांकि, घटना के बाद दोनों नेताओं से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

गढ़ा में मंच गिरने से महिला की मौत

इसी दौरान जबलपुर के गढ़ा क्षेत्र में एक अलग घटना में दशहरा चल समारोह के दौरान मंच गिरने से दर्दनाक हादसा हुआ। गुलौआ चौक पर विशाल मंच भरभराकर गिर गया, जिसमें 15 लोग घायल हो गए और एक महिला की मौत हो गई। मृतका का नाम श्वेता वर्मा बताया जा रहा है। उनके बेटे का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

निष्कर्ष

जबलपुर में दशहरा समारोह के दौरान हुई घटनाएं यह दर्शाती हैं कि धार्मिक आयोजनों में आपसी विवाद और अव्यवस्था कितनी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। पुलिस और नेताओं ने शांति बनाए रखने के प्रयास किए हैं, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।