जेफ्री एपस्टीन सेक्स स्कैंडल: अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने लाखों दस्तावेज जारी किए
अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने यौन अपराधी और फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी जांच के तहत बड़ी संख्या में दस्तावेज और तस्वीरें सार्वजनिक कर दी हैं। भारतीय समय के मुताबिक शुक्रवार देर रात करीब 2:30 बजे से ऑनलाइन फाइलें जारी की जा रही हैं, जिनमें लगभग तीन लाख दस्तावेज और हजारों इमेजेज शामिल हैं।
क्लिंटन, माइकल जैक्सन, प्रिंस एंड्रयू सहित कई हस्तियां तस्वीरों में
जारी सामग्री में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, पॉप स्टार माइकल जैक्सन, हॉलीवुड एक्टर क्रिस टकर और ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू जैसी मशहूर हस्तियों की तस्वीरें शामिल हैं। कुछ फोटोज में बिल क्लिंटन को लड़कियों के साथ पूल और पार्टी में देखा जा सकता है। ब्रिटेन के लॉर्ड पीटर मैंडेलसन, प्रिंस एंड्रयू की पूर्व पत्नी सारा फर्ग्यूसन और अन्य कई जानी-मानी हस्तियों की तस्वीरें भी फाइलों में मौजूद हैं। कुछ तस्वीरें पहले भी सार्वजनिक हो चुकी थीं, जबकि कुछ पहली बार सामने आई हैं।
हाल में जारी 68 नई तस्वीरें अमेरिकी संसद की हाउस ओवरसाइट कमेटी के डेमोक्रेट सांसदों ने सार्वजनिक कीं। इनमें अरबपति बिल गेट्स, गूगल को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन, फिल्ममेकर वुडी एलन, दार्शनिक नोम चॉम्स्की और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन भी दिखाई देते हैं। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि इन तस्वीरों का यह मतलब नहीं है कि ये लोग किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल थे।
ट्रम्प के कानून के बाद दस्तावेजों की रिलीज
जेफ्री एपस्टीन जेल में मृत पाया गया था। उससे जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का रास्ता तब खुला, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 18 नवंबर को एक कानून पर हस्ताक्षर कर निर्देश दिया कि एपस्टीन से संबंधित सभी दस्तावेज 30 दिन के भीतर जारी किए जाएं। 19 दिसंबर तक यह समय सीमा पूरी हो गई और इसके बाद डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने चरणबद्ध तरीके से फाइलें रिलीज करनी शुरू कीं।
डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कांग्रेस को भेजे पत्र में बताया कि “एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट” के तहत हजारों तस्वीरों और दस्तावेजों की समीक्षा की गई। कुल 187 वकीलों ने इन दस्तावेजों को देखा, जबकि 25 से ज्यादा वकीलों की अलग टीम ने क्वालिटी कंट्रोल की जिम्मेदारी संभाली।
दस्तावेजों में क्या-क्या है
अब तक जारी फाइलों में करीब 3,500 से अधिक फाइलें बताई गई हैं, जिनमें 2.5 जीबी से ज्यादा डाटा है। पहले डेटा सेट में “इमेजेज” नाम के चार फोल्डर हैं। तीन फोल्डरों में लगभग एक-एक हजार तस्वीरें और चौथे में 158 तस्वीरें रखी गई हैं।
पहले फोल्डर की कई तस्वीरें एफबीआई द्वारा एपस्टीन के न्यूयॉर्क स्थित मैनहैटन वाले घर पर की गई तलाशी से जुड़ी लगती हैं। कुछ फोटो में जांच के दौरान तोड़ा गया दरवाजा और घर का पता लिखा कागज दिखाई देता है। अन्य फोल्डरों में समुद्र किनारे स्थानों की तस्वीरें हैं, जिन्हें एपस्टीन के निजी द्वीप लिटिल सेंट जेम्स से जोड़ा जा रहा है, हालांकि दस्तावेजों में लोकेशन स्पष्ट नहीं की गई है।
फाइलों में फ्लाइट लॉग, कॉन्टैक्ट बुक और मसाज देने वाली 254 लड़कियों की एक लिस्ट का जिक्र है, हालांकि सभी नाम काले कर दिए गए हैं। कुछ दस्तावेजों में “बेबी मसाज ट्रेनिंग” के नाम से निर्देश लिखे हैं, जिनमें कदम-दर-कदम मसाज प्रक्रिया और कुछ अश्लील तरीके दर्ज हैं।
कानून, गोपनीयता और रेडैक्शन के नियम
फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के अनुसार कानून में स्पष्ट है कि किसी भी दस्तावेज को सिर्फ इसलिए नहीं रोका जा सकता कि उससे किसी की शर्मिंदगी हो, छवि खराब हो या मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो। यह नियम सरकारी अधिकारियों, नेताओं और विदेशी हस्तियों सहित सभी पर समान रूप से लागू होता है।
इसके बावजूद कानून कुछ अपवाद भी देता है। ऐसे दस्तावेज या हिस्से छिपाए जा सकते हैं जिनमें पीड़ितों की निजी पहचान से जुड़ी जानकारी, बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री, शारीरिक हिंसा के दृश्य, चल रही जांच को प्रभावित करने वाली जानकारी या राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश नीति से जुड़े गोपनीय तथ्यों का उल्लेख हो।
डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने स्वीकार किया है कि कुछ दस्तावेज अभी रोके गए हैं, क्योंकि कुछ जांचें जारी हैं या राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण उन्हें तुरंत सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। विभाग ने सभी दस्तावेज एक साथ जारी नहीं किए, जिस पर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसदों ने आलोचना की है। उनका आरोप है कि बहुत अधिक हिस्से काले कर दिए गए हैं और अभी तक कई फाइलों की पूरी समीक्षा भी नहीं हुई है।
पीड़ितों की पहचान की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
डिप्टी जस्टिस मिनिस्टर टॉड ब्लांश के अनुसार अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों की पहचान पीड़ित या पीड़ितों के परिवारजन के रूप में की गई है। ब्लांश ने बताया कि इन सभी के नाम दस्तावेजों में रेडैक्ट कर दिए गए हैं, ताकि उनकी गोपनीयता बनी रहे। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की संख्या बहुत ज्यादा होने के कारण हर पेज को कानून के मुताबिक सावधानी से पढ़ा जा रहा है, ताकि यह तय किया जा सके कि कौन-सी जानकारी हटानी जरूरी है।
इस काम के लिए जस्टिस डिपार्टमेंट के 200 से ज्यादा वकील फाइलों की समीक्षा में लगे हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता पीड़ितों की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखना है।
जेफ्री एपस्टीन के संपर्क और विवादित ईमेल
जारी फाइलों में जेफ्री एपस्टीन के कमरे में रखी पोप जॉन पॉल द्वितीय की तस्वीर का उल्लेख है। इसके अलावा दो पत्र भी सार्वजनिक किए गए हैं, जो किसी व्यक्ति ने एपस्टीन को लिखे थे। इन पत्रों में लेखक ने एपस्टीन के खिलाफ लड़कियों से जुड़े मामलों पर “अफसोस” जताते हुए दावा किया कि लड़कियां जानती थीं कि वे क्या कर रही हैं और एपस्टीन ने किसी पर जबरदस्ती नहीं की। पत्रों में अमीर लोगों को हमेशा निशाने पर रहने की बात कही गई है और एपस्टीन को सलाह दी गई है कि वह किसी अनुभवी वकील की मदद ले, क्योंकि ये मामले उसकी प्रतिष्ठा और धन दोनों पर असर डाल सकते हैं।
फाइलों में एक पैराबॉयिक (संदिग्ध और घबराए हुए) ईमेल का भी जिक्र है, जो एपस्टीन ने अपनी मौत से कुछ महीने पहले खुद को भेजा था। इस ईमेल में उसने दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अक्सर उसके पाम बीच वाले घर आते थे और उन्हें नाबालिग लड़कियों से जुड़े यौन शोषण की जानकारी थी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
दस्तावेजों से यह भी सामने आया कि एपस्टीन की अलमारी से इजराइली आर्मी (आईडीएफ) की एक स्वेटशर्ट भी मिली थी।
लॉर्ड पीटर मैंडेलसन और ब्रेट रैटनर का नाम
फाइलों में सामने आई एक तस्वीर में ब्रिटेन के लॉर्ड पीटर मैंडेलसन और एपस्टीन एक बड़े जन्मदिन के केक के साथ खड़े दिखाई देते हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि यह फोटो कब ली गई, लेकिन इसे पहले भी सार्वजनिक किया जा चुका था।
पीटर मैंडेलसन कई बार कह चुके हैं कि उन्हें एपस्टीन के साथ अपने रिश्ते पर अफसोस है और उन्होंने दावा किया है कि एपस्टीन के साथ रहते हुए उन्होंने कोई गलत काम होते नहीं देखा। इस साल की शुरुआत में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर ने उन्हें अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत पद से हटा दिया था, जब ईमेल और तस्वीरों सहित सबूत सामने आए कि एपस्टीन से उनका लंबे समय तक संपर्क रहा था।
फिल्म डायरेक्टर ब्रेट रैटनर का नाम भी नई फाइलों में आता है। उन पर #MeToo आंदोलन के दौरान कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। हाल ही में मेलानिया ट्रम्प ने अपनी नई डॉक्यूमेंट्री के निर्देशन के लिए उन्हें चुना था।
बिल क्लिंटन की प्रतिक्रिया
बिल क्लिंटन के प्रवक्ता एंजेल उरेना ने आरोप लगाया कि ट्रम्प प्रशासन खुद को बचाने में लगा हुआ है। उरेना ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति क्लिंटन को एपस्टीन के अपराधों की कोई जानकारी नहीं थी और इन अपराधों के सामने आने से पहले ही उन्होंने एपस्टीन से संबंध तोड़ दिए थे।
उनके अनुसार 20 साल से ज्यादा पुराने, धुंधले फोटो जितने भी जारी कर दिए जाएं, इससे यह साबित नहीं होता कि मामला क्लिंटन से जुड़ा है। उरेना ने कहा कि एपस्टीन के मामले में लोगों को दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है: एक वे जिन्हें एपस्टीन के अपराधों की जानकारी नहीं थी, और दूसरे वे जिन्होंने अपराध सामने आने के बाद भी उससे रिश्ता बनाए रखा।
धमकी, तस्वीरें और नाबालिग लड़कियों के आरोप
नई फाइलों में एक शिकायत दस्तावेज शामिल है, जिसमें एक फोटोग्राफर ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने उसे धमकी दी थी कि अगर वह कुछ तस्वीरों के बारे में किसी को बताएगी, तो वह उसका घर जला देगा। फोटोग्राफर का कहना है कि एपस्टीन ने उसकी उन तस्वीरों को चुरा लिया, जो उसने अपनी 12 और 16 साल की बहनों के लिए ली थीं, और उन्हें संभावित खरीदारों को बेच दिया। दस्तावेज में यह भी लिखा है कि एपस्टीन ने एक समय इस फोटोग्राफर से लड़कियों की स्विमिंग पूल में तस्वीरें लेने को कहा था।
कुछ नोट्स में दावा किया गया है कि एपस्टीन लड़कियों से पहचान पत्र (आईडी) दिखाने को कहता था, ताकि साबित हो सके कि वे 18 साल से कम उम्र की हैं। एक मौके पर एक व्यक्ति (जिसका नाम छिपा दिया गया है) ने देखा कि एपस्टीन एक लड़की से आईडी मांग रहा था, क्योंकि उसे लड़की की बात पर भरोसा नहीं हो रहा था। नोट्स के अनुसार पहले किसी ने उससे बड़ी उम्र की लड़कियों को लाकर “गलती” की थी, जिसके बाद वह उम्र की पुष्टि करने लगा।
वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक, कई हिस्से अभी भी गुप्त
जस्टिस डिपार्टमेंट ने एपस्टीन केस से जुड़ी फाइलें आम लोगों और पत्रकारों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध करा दी हैं, ताकि वे इन्हें देख और खोज सकें। जैसे ही फाइलें जारी हुईं, वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक के कारण कई लोगों को साइट खोलने में दिक्कत हुई और पेज बार-बार बंद होने लगे।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सभी फाइलें पूरी तरह जारी हो गई हैं या केवल कुछ हिस्से ही सार्वजनिक किए गए हैं। अधिकारी और मीडिया संस्थान दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं और आगे भी नई सामग्री जारी होने की संभावना है।
एपस्टीन के नेटवर्क पर नई जांच
सूचना छिपाते समय सरकार को यह स्पष्ट करना होता है कि किस हिस्से को क्यों छुपाया गया है। आलोचकों का आरोप है कि प्रशासन अपवादों का सहारा लेकर कुछ संवेदनशील फाइलों को रोक सकता है। यह चिंता इसलिए भी जताई जा रही है क्योंकि डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने एपस्टीन के संबंधों पर नई जांच शुरू की है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, डेमोक्रेट दानदाता रीड हॉफमैन, अर्थशास्त्री लैरी समर्स और जेपी मॉर्गन चेज जैसी संस्थाओं या व्यक्तियों के नाम शामिल हैं।
चूंकि यह जांच एपस्टीन से जुड़े रिश्तों पर केंद्रित है, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि सरकार इस जांच का हवाला देकर उसके प्रभावशाली दोस्तों से जुड़ी जानकारी कुछ समय तक छिपा सकती है।
जेफ्री एपस्टीन केस की पृष्ठभूमि
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था, जिसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। 2005 में फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को मसाज के बहाने बुलाया गया और वहां उस पर सेक्स का दबाव डाला गया। इस शिकायत के बाद पहली बार एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक कार्रवाई शुरू हुई।
जांच के दौरान धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर इसी तरह के आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस विभाग ने कई महीनों तक जांच की, जिसमें सामने आया कि एपस्टीन के पास मैनहैटन और पाम बीच में शानदार विला थे, जहां हाई-प्रोफाइल पार्टियां होती थीं। एपस्टीन अपने निजी जेट “लोलिता एक्सप्रेस” से कम उम्र की लड़कियों को पार्टियों में लाता था और पैसों, गहनों के लालच या धमकियों के जरिए उन्हें मजबूर करता था। इस काम में उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल भी शामिल थी।
इसके बावजूद 2008 में एपस्टीन को केवल 13 महीने की सजा हुई, जिसमें उसे जेल से बाहर जाकर काम करने की अनुमति थी। 2019 में उसे सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में दोबारा गिरफ्तार किया गया, लेकिन मुकदमे से पहले ही वह जेल में मृत पाया गया। घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में एपस्टीन की मदद करने के लिए दोषी ठहराया गया और वह 20 साल की सजा काट रही है।
जारी नई फाइलें इस पूरे नेटवर्क, पीड़ितों और एपस्टीन के वैश्विक संपर्कों के बारे में और जानकारी दे रही हैं, हालांकि कई संवेदनशील हिस्से कानून और गोपनीयता के नियमों के तहत अभी भी छिपाए गए हैं।
L. N. Bhargava