कांग्रेस का मनरेगा का नाम बदलने के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान
कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने और उससे जुड़ी नीतिगत बदलावों का कड़ा विरोध करते हुए 27 दिसंबर को पूरे देश में धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है। देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा और अन्य नेताओं ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
मनरेगा को समाप्त करने और केंद्रीकरण का आरोप
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने सुधार के नाम पर लोकसभा में एक और बिल पारित कर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार योजना मनरेगा को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाया है। उनके अनुसार, योजना का नाम बदलने के साथ ही इसका आर्थिक बोझ अब राज्यों पर डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले जो अधिकार पंचायतों के पास थे, उन्हें छीनकर केंद्रीकृत व्यवस्था को सौंपा जा रहा है, जिसे कांग्रेस महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान मानती है।
राम के नाम पर समाज को बांटने का आरोप
आलोक शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी राम के नाम पर समाज में विवाद और विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के इन कदमों का सड़क से लेकर संसद तक विरोध करेगी और इसी के तहत 27 दिसंबर को देशभर में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नेशनल हेराल्ड मामले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
नेशनल हेराल्ड मामले पर बोलते हुए आलोक शर्मा ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज केस को अदालत ने खारिज कर दिया है। उनके अनुसार इससे स्पष्ट है कि यह मामला केवल राजनीतिक बदले की भावना से उठाया गया था। उन्होंने दावा किया कि यह फैसला भाजपा की कथित बदले की राजनीति को बड़ा झटका है और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए।
उत्तराखंड में मनरेगा में भ्रष्टाचार के आरोप
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य करन माहरा ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में मनरेगा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल का मनरेगा कार्ड सार्वजनिक करते हुए कहा कि इससे समझा जा सकता है कि योजना का किस तरह दुरुपयोग किया जा रहा है।
खेती संबंधी प्रावधानों में बदलाव पर चिंता
करन माहरा ने यह भी कहा कि मनरेगा में खेती से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदु हटा दिए गए हैं, जिससे उत्तराखंड के लोगों को नुकसान हो सकता है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे इन नीतिगत बदलावों और मनरेगा के स्वरूप में हो रहे परिवर्तनों का सख्ती से विरोध जारी रखेंगे और इसे सार्वजनिक मंचों पर लगातार उठाते रहेंगे।
Satyam Tripathi