झूठी शिकायतों पर सख्ती, सीएम हेल्पलाइन पर आदतन शिकायतकर्ताओं की होगी ब्लैकलिस्टिंग
मध्यप्रदेश सरकार ने झूठी और ब्लैकमेलिंग वाली शिकायतें करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देशों के बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने सभी निकायों को पत्र लिखकर आदतन शिकायतकर्ताओं की पहचान करने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने का आदेश दिया है।
इंदौर, जबलपुर और रीवा में सबसे ज्यादा शिकायतें
विभाग द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायतों की समीक्षा में सामने आया कि इंदौर, जबलपुर, रीवा संभागों और खरगोन जिले में एक ही व्यक्ति द्वारा 100-100 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे लोग न केवल बार-बार शिकायतें करते हैं, बल्कि समाधान में भी बाधा डालते हैं। इनमें से कुछ लोग जानबूझकर शिकायतें बंद नहीं करते या मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लेते हैं।
शिकायतों का पैटर्न
समीक्षा में यह भी पाया गया कि अधिकांश शिकायतें पड़ोसी के मकान, प्रतिद्वंद्वी के शोरूम या दुकान के नक्शे की गलतियों, अतिक्रमण, स्व निधि, पीएम आवास या पेंशन में अपात्रता के आरोपों पर आधारित होती हैं। इसके अलावा, विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार की शिकायतें की जाती हैं, जबकि इसके लिए ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त जैसी एजेंसियां मौजूद हैं।
राज्यसभा सांसद ने की थी कार्रवाई की मांग
बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने एक महीने पहले मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बड़वानी सहित पूरे प्रदेश में सीएम हेल्पलाइन पर झूठी शिकायतों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
इस पहल का उद्देश्य सीएम हेल्पलाइन को अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनाना है, जिससे वास्तविक शिकायतकर्ताओं को न्याय मिलने में आसानी हो सके।
Satyam Tripathi