जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के 24 विधायक मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के खिलाफ एकजुट
जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) में 27 अक्टूबर को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद असंतोष के संकेत मिले हैं। पार्टी के 24 विधायक मुख्यमंत्री के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। शुक्रवार को श्रीनगर में लोलाब विधायक कैसर जमशेद लोन के घर 18 विधायकों ने बैठक की, जबकि 6 विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।
बैठक में विधायकों ने मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर सोगामी और 27 अक्टूबर को कैबिनेट विस्तार में बने चार नए मंत्रियों को हटाने की मांग की। इसके साथ ही वे मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। सोगामी पर पार्टी नेतृत्व को गुमराह करने और संगठन के कामकाज में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया गया है।
विधायकों ने चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला किया है। इसकी अगुआई पार्टी के वरिष्ठ नेता और गुरेज विधायक नजीर अहमद गुरेजी तथा थानामंडी विधायक मुजफ्फर इकबाल खान करेंगे। यह प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिलकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। विधायकों ने नेतृत्व के जवाब का इंतजार करने और उसके बाद आगे की रणनीति तय करने का फैसला किया है।
बैठक में शामिल विधायकों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और पार्टी नहीं छोड़ने की शपथ ली। हालांकि, कुछ लोगों पर पार्टी के आंतरिक कामकाज को कमजोर करने का आरोप भी लगाया गया। दूसरी ओर, गुरेज विधायक नजीर अहमद गुरेजी ने बैठक को सामान्य मुलाकात बताया। उन्होंने कहा कि कैसर जमशेद लोन ने दोपहर के भोजन पर बुलाया था और इसे राजनीतिक बैठक नहीं माना जाना चाहिए।
कैबिनेट विस्तार का विवरण और वरिष्ठ विधायकों की नाराजगी
27 अक्टूबर के कैबिनेट विस्तार में नेशनल कॉन्फ्रेंस के चार विधायक अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद कल्लू को मंत्री बनाया गया। वहीं, निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। इस विस्तार में कई ऐसे वरिष्ठ विधायक मंत्री नहीं बन सके, जिनके नाम की चर्चा थी। इनमें नजीर अहमद गुरेजी और मुबारक गुल भी शामिल हैं। मुबारक गुल को बाद में फारूक अब्दुल्ला ने अली मोहम्मद सागर की जगह पार्टी का महासचिव नियुक्त किया।
Navjeet Kaur