प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर एकता दिवस मनाया
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर कार्यक्रम और विकास योजनाएं
शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचे। उन्होंने वहां उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई और सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने 400 करोड़ रुपए से अधिक की विकास योजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें सीवेज और जल शोधन संयंत्र, प्रकाश व्यवस्था, नर्मदा घाट के विकास, आईआरसीटीसी होटल, रेनफॉरेस्ट, यूनिटी और इको ट्रेल शामिल हैं। इसके बाद उन्होंने रेन फॉरेस्ट और वामन वृक्ष वाटिका का दौरा किया तथा एकता नगर में चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।
प्रमुख घोषणाएं, आंकड़े और गुजरात की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं
प्रधानमंत्री ने विश्व बैंक की हालिया रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि 50 करोड़ भारतीयों ने गरीबी को परास्त किया है। पहले 100 में से 27 लोग भीषण गरीबी में थे, अब यह संख्या 3 से कम रह गई है। उन्होंने इसे पिछले 12 वर्षों से गरीब कल्याण को प्राथमिकता देने, लीकेज-प्रूफ व्यवस्था, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, मुफ्त राशन और बीमा सुरक्षा का परिणाम बताया। नक्सलवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2015 में 126 जिले प्रभावित थे, मार्च 2026 तक कोई भी जिला नक्सलवाद से प्रभावित नहीं रहेगा। सरदार पटेल के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि पटेल ने 550 से अधिक रियासतों को एक किया, भौगोलिक और भावनात्मक एकता स्थापित की तथा सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण से सांस्कृतिक एकता कायम की। इस वर्ष सोमनाथ पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है।
गुजरात में बुनियादी ढांचे के विस्तार के तहत प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद मेट्रो के फेज 2ए (6 किलोमीटर से अधिक, कोटेश्वर रोड से एयरपोर्ट तक पांच स्टेशन) और फेज 2बी (3.3 किलोमीटर से अधिक, गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक तीन स्टेशन) की आधारशिला रखी। अहमदाबाद-मेहसाणा रोड (स्टेट हाईवे-41) को चार लेन से आठ लेन में अपग्रेड करने के लिए लगभग 2,600 करोड़ रुपए की परियोजना शुरू की। 800 करोड़ रुपए के निवेश से 4,030 नए चाइल्ड-फ्रेंडली आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखी गई और 361 पूर्ण केंद्रों का उद्घाटन किया गया, जिससे 4 लाख से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। 'एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड' के तहत 4,950 करोड़ रुपए की 521 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की गईं, जिनमें कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, गोदाम, साइलो, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, प्रसंस्करण सुविधाएं और प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र शामिल हैं।
इससे पहले शुक्रवार को बनासकांठा में एक सभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां का आलू विश्वभर में प्रसिद्ध है और व्यंग्यपूर्वक टिप्पणी की कि कोई नहीं कहता कि आलू से सोना बनाएंगे, क्योंकि यहां के लोग पहले ही आलू से सोना बना रहे हैं। इस सभा में किसानों के बैठने के लिए कुर्सियों के स्थान पर चारपाइयां बिछाई गई थीं, जिस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लिए यह अजूबा होगा कि एक सभा में सभी लोग चारपाई पर बैठे हैं।
Amit Pateria