राजगीर में भारतीय अंडर-20 महिला रग्बी टीम की न्यूजीलैंड माओरी दल पर 17-0 से जीत
27 अक्टूबर को बिहार के राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में भारतीय अंडर-20 महिला रग्बी टीम ने न्यूजीलैंड की माओरी इनविटेशनल टीम को रग्बी सेवन्स मुकाबले में 17-0 से हरा दिया। भारत ने हाफ टाइम तक 12-0 की बढ़त बना ली थी और दूसरे हाफ में भी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय डिफेंस को भेदने में नाकाम रही। यह मुकाबला रग्बी सेवन्स फॉर्मेट में खेला गया जिसमें प्रत्येक टीम के सात खिलाड़ी मैदान पर होते हैं और मैच 14 मिनट का होता है जिसमें सात-सात मिनट के दो हाफ शामिल हैं।
राजगीर में खेलने वाली न्यूजीलैंड टीम न्यूजीलैंड की नियमित राष्ट्रीय अंडर-20 महिला टीम नहीं थी। यह न्यूजीलैंड के विभिन्न हिस्सों से चुनी गई माओरी समुदाय की 24 युवा खिलाड़ियों वाली इनविटेशनल टीम थी। माओरी न्यूजीलैंड का मूल निवासी समुदाय है। इस दौरे का उद्देश्य केवल मुकाबले खेलना नहीं बल्कि खेल के जरिए दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों और रग्बी के विकास को बढ़ावा देना भी था। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने पर यह सीरीज आयोजित की गई थी।
भारतीय तैयारी और प्रदर्शन
भारतीय महिला रग्बी में पिछले कुछ समय से सुधार देखने को मिला है। अक्टूबर में हुए एशियन गेम्स में भारत की सीनियर महिला रग्बी सेवन्स टीम ने छठा स्थान हासिल किया जो एशियन गेम्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे पहले 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने सातवां स्थान प्राप्त किया था। एशियन गेम्स में भारत ने मलेशिया को 26-5 और सिंगापुर को 22-5 से हराया था। यह प्रदर्शन सीनियर टीम का है जिसे राजगीर में खेलने वाली अंडर-20 टीम का व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं माना जाना चाहिए लेकिन इससे भारतीय महिला रग्बी के विकास का संकेत मिलता है।
मैदान पर भारतीय टीम ने अनुशासित डिफेंस का प्रदर्शन किया जिससे न्यूजीलैंड की खिलाड़ी एक भी अंक नहीं बना सकीं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय टीम ने बेहतर टैकलिंग और रणनीतिक अनुशासन दिखाया। भारतीय खिलाड़ी अक्षया एनएस ने इसे अपने लिए जिंदगी में एक बार मिलने वाला अनुभव बताया और कहा कि उन्होंने न्यूजीलैंड की टीमों को पहले सिर्फ वीडियो में खेलते देखा था।
न्यूजीलैंड-भारत सहयोग और भविष्य की दिशा
भारत और न्यूजीलैंड के बीच रग्बी विकास के लिए सहयोग चल रहा है। मई 2026 में न्यूजीलैंड रग्बी के कोचिंग विशेषज्ञों ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में 35 भारतीय कोचों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया था जिसका उद्देश्य भारत में कोचिंग की गुणवत्ता और रग्बी की तकनीकी समझ को बेहतर बनाना था। राजगीर दौरे में भी दोनों देशों की युवा टीमों के बीच संयुक्त प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए जिससे खिलाड़ियों को एक-दूसरे की खेल शैली समझने और अनुभव साझा करने का अवसर मिला।
राजगीर की 17-0 की जीत को न्यूजीलैंड की रग्बी ताकत पर भारत की जीत कहना अतिशयोक्ति होगी लेकिन इसे सामान्य मुकाबला मानकर नजरअंदाज करना भी सही नहीं होगा। भारत की महिला टीम ने दिखाया कि सही तैयारी, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और बेहतर कोचिंग के जरिए वह मजबूत रग्बी संस्कृति वाले देशों की युवा टीमों को चुनौती दे सकती है। अब चुनौती इस प्रदर्शन को निरंतरता देने की है जिसके लिए भारत को ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मुकाबले, मजबूत घरेलू प्रतियोगिताएं, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और युवा खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट विकास प्रणाली तैयार करनी होगी।
Adarsh Chaurasiya