जस्टिस श्रीधरन का विदाई समारोह: भावुक होकर पढ़ा राहत इंदौरी का शेर

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जस्टिस श्रीधरन  का विदाई समारोह: भावुक होकर पढ़ा राहत इंदौरी का शेर

जस्टिस श्रीधरन का विदाई समारोह

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अतुल श्रीधरन का हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर हुआ है। इस अवसर पर 4 नवंबर को उनका विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा सहित कई अन्य जज और सीनियर एडवोकेट मौजूद रहे।

भावुक होकर पढ़ा राहत इंदौरी का शेर

जस्टिस श्रीधरन ने समारोह में मशहूर शायर राहत इंदौरी का शेर पढ़ा, जिसमें उन्होंने <जीवन और पद की अनिश्चितता> और क्षणभंगुरता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जो आज साहिब-ए-मसनद हैं, कल नहीं होंगे; किराएदार हैं, जाती मकान थोड़े ही है। इस शेर के माध्यम से उन्होंने ट्रांसफर के प्रति अपना नजरिया और जीवन के अस्थायित्व को व्यक्त किया।

ट्रांसफर को बताया सेवा का हिस्सा

जस्टिस श्रीधरन ने कहा कि एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर सर्विस का हिस्सा होता है। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में काम करने को लेकर उत्साह व्यक्त किया और इसे सीखने का एक बड़ा अवसर बताया।

दमोह पैर धुलाई कांड पर तल्ख टिप्पणियां

2023 में जस्टिस श्रीधरन ने दमोह पैर धुलाई कांड पर स्वत: संज्ञान लिया था और सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणियां की थीं। उन्होंने इस मामले में कमजोर धाराएं लगाने पर दमोह एसपी को फटकार लगाई थी।

अन्य विवरण

जस्टिस श्रीधरन ने अपनी बेटी की वकालत के कारण हितों के टकराव से बचने के लिए स्वयं मध्य प्रदेश से बाहर ट्रांसफर का अनुरोध किया था। उन्हें पहले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया गया था, और बाद में मध्य प्रदेश लौटने के बाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजा गया है।

Arvind Vishwakarma