जस्टिस सूर्यकांत का ऐतिहासिक शपथ ग्रहण
जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। यह समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित हुआ, जिसमें भारत समेत सात देशों के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों ने हिस्सा लिया। ब्राजील, भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरिशस, नेपाल और श्रीलंका के न्यायिक प्रतिनिधि इस आयोजन में शामिल हुए। भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने किसी CJI के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया।
जस्टिस सूर्यकांत का कार्यकाल
वर्तमान CJI बीआर गवई का कार्यकाल 23 नवंबर को समाप्त हुआ। अब जस्टिस सूर्यकांत ने यह जिम्मेदारी संभाली है। उनका कार्यकाल लगभग 14 महीने का होगा और वह 9 फरवरी 2027 को सेवानिवृत्त होंगे। जस्टिस सूर्यकांत का परिवार भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहा। उनके तीनों भाई और अन्य परिवार के सदस्य समारोह में शामिल हुए।
महत्वपूर्ण फैसले और योगदान
जस्टिस सूर्यकांत ने अपने कार्यकाल के दौरान संवैधानिक, मानवाधिकार और प्रशासनिक कानून से जुड़े 1000 से अधिक मामलों में फैसले दिए हैं। उनके बड़े फैसलों में आर्टिकल 370 को निरस्त करने का निर्णय बरकरार रखना शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने बिहार में SIR से जुड़े मामले की सुनवाई की और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण आदेश दिए।
उनके शपथ ग्रहण के साथ भारतीय न्यायपालिका को एक अनुभवी और जिम्मेदार नेतृत्व मिला है। यह ऐतिहासिक समारोह न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण साबित हुआ।
L. N. Bhargava