दिल्ली ब्लास्ट की खतरनाक साजिश का खुलासा
दिल्ली में 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट की जांच में फरीदाबाद के व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल की साजिश सामने आई है। NIA ने इस मॉड्यूल को कश्मीर से लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी और नूंह के रास्ते दिल्ली तक ऑपरेट करने की जांच की।
मॉड्यूल का खतरनाक प्लान
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि इस मॉड्यूल की योजना सुसाइड बॉम्बर तैयार करने, ड्रोन अटैक और लोन वुल्फ हमले की थी। फरीदाबाद के धौज में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी को ऑपरेशन और प्लानिंग सेंटर बनाया गया था। इसके तहत डॉक्टरों को शामिल कर विस्फोटक तैयार करने का काम वैज्ञानिक तरीके से किया गया।
नूंह का स्लीपर सपोर्ट
नूंह जिले को विस्फोटक असेंबलिंग और स्लीपर सपोर्ट के लिए इस्तेमाल किया गया। यहां की कनेक्टिविटी ने मॉड्यूल को दिल्ली-NCR और अन्य शहरों तक पहुंचाने में मदद की। यूनिवर्सिटी की मस्जिद के मौलवी और अन्य लोगों को भी नेटवर्क का हिस्सा बनाया गया।
महिला टेरर नेटवर्क
इस मॉड्यूल ने यूनिवर्सिटी में पहला प्रोफेशनल महिला टेरर नेटवर्क खड़ा किया। डॉ. शाहीन सईद को इसका नेतृत्व दिया गया और महिला छात्रों को ब्रेनवॉश कर आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया गया।
जांच का निष्कर्ष
NIA ने करीब 400 जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया और 1,000 से अधिक लोगों से पूछताछ की। 73 गवाहों ने फरीदाबाद मॉड्यूल की पुष्टि की। अब तक इस साजिश में 6 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
निष्कर्ष
दिल्ली ब्लास्ट की योजना बेहद खतरनाक और संगठित थी। जांच एजेंसियों ने इस नेटवर्क के कई पहलुओं को उजागर किया है। यह घटना सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ाने का संकेत है।
Sachin Saxena