भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के बाद सोशल मीडिया पर #JusticeForTwisha अभियान तेजी से ट्रेंड कर रहा है। यह अभियान कैसे शुरू होता है, इसके पीछे कौन काम करता है और इसमें पैसे खर्च होते हैं या नहीं, यह जानना महत्वपूर्ण है।
अभियान कैसे चलते हैं?
ऐसे अभियानों की शुरुआत अक्सर लोकल लेवल से होती है। परिवार, दोस्त और आसपास के लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो शेयर करते हैं। जब बड़ी संख्या में लोग एक ही हैशटैग या कीवर्ड के साथ पोस्ट करने लगते हैं, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का एल्गोरिदम उसे ट्रेंड मानने लगता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जिन पोस्ट्स पर कम समय में ज्यादा लाइक, शेयर और कमेंट आते हैं, एल्गोरिदम उन्हें ज्यादा लोगों तक पहुंचाता है। सुशांत सिंह राजपूत मामले में भी ऐसा ही देखा गया था, जहाँ #CBIForSSR और #BoycottBollywood जैसे हैशटैग ट्रेंड हुए थे।
क्या इनके पीछे कोई टीम काम करती है?
ऐसे अभियानों के पीछे हमेशा कोई बड़ी टीम हो, ऐसा जरूरी नहीं। कई बार लोग भावनात्मक रूप से किसी मामले से जुड़ जाते हैं और सोशल मीडिया पर पोस्ट, वीडियो या हैशटैग शेयर करने लगते हैं। कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स व्यूज और रीच बढ़ाने के लिए ऐसे मुद्दों पर वीडियो, पोस्ट और रिएक्शन कंटेंट बनाते हैं। ऑनलाइन नेटवर्क, फैन कम्युनिटी, इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल प्रमोशन की बड़ी भूमिका होती है। कुछ मामलों में, विशेषकर चुनावों के दौरान, राजनीतिक दल अपनी छवि मजबूत करने के लिए ऑनलाइन नेटवर्क और बड़े इन्फ्लुएंसर्स का सहारा लेते हैं। SSR मामले पर हुई स्टडी में सामने आया था कि आम यूजर्स के साथ-साथ राजनीतिक चेहरे भी इस मुद्दे से जुड़े रहे।
क्या इन अभियानों में पैसे खर्च होते हैं?
कुछ मामलों में, ऐसे सोशल मीडिया अभियानों को 'पुश' करने के लिए लाखों रुपए तक खर्च किए जा सकते हैं। हालांकि, हर अभियान पेड नहीं होता; कई कैंपेन पूरी तरह ऑर्गेनिक होते हैं जहाँ लोग खुद जुड़कर पोस्ट और वीडियो शेयर करते हैं। SSR केस में मुंबई पुलिस ने जांच को प्रभावित करने के लिए 80 हजार से ज्यादा फेक अकाउंट्स के इस्तेमाल का दावा किया था, जो अलग-अलग देशों से ऑपरेट हो रहे थे। कई बार, जैसे बिग बॉस में, कंटेस्टेंट्स की सोशल मीडिया टीमें सक्रिय रूप से माहौल बनाती हैं और वोटिंग की अपील कराती हैं।
भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में एम्स की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बॉडी पर मल्टीपल चोटों के निशानों का जिक्र है। परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।
Navjeet Kaur