कांग्रेस के टैलेंट हंट में आईआईटी पासआउट, प्रोफेसर और डेटा साइंटिस्ट ने किया आवेदन
मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने प्रवक्ता, रिसर्च कॉर्डिनेटर और सोशल मीडिया टीम की तलाश में एक व्यापक टैलेंट हंट शुरू किया है। इस पहल के तहत, देशभर से लगभग 5000 लोगों ने आवेदन किए हैं, जिनमें से 1000 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। आवेदन करने वालों में इंजीनियर, वकील, लेखक, कवि, प्रोफेसर, डेटा साइंटिस्ट और आईआईटी पासआउट युवा शामिल हैं, जो कांग्रेस से जुड़ने की इच्छा रखते हैं।
उच्च शिक्षित युवाओं ने बताया कांग्रेस से जुड़ने का कारण
आईआईटी रुड़की के 2012 बैच के पासआउट स्वराज सिंह बघेल ने बताया कि कॉर्पोरेट सेक्टर और यूपीएससी की तैयारी के बाद वे कांग्रेस से जुड़े। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें बचपन से संविधान और अभिव्यक्ति की आजादी (आर्टिकल 19/1ए) का महत्व सिखाया है। स्वराज ने मोदी और मोहन सरकारों पर अलग-अलग कानूनों के जरिए अभिव्यक्ति की आजादी छीनने का आरोप लगाया। उनका मानना है कि कांग्रेस में उनकी शिक्षा और ज्ञान को महत्व मिलेगा, जो देश और प्रदेश के काम आएगा।
सिविल सर्विस के शिक्षक स्वतंत्र सिंह चौहान ने पार्टी से जुड़ने का मकसद देश की सक्रिय राजनीति में युवाओं की भागीदारी को बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संवैधानिक मूल्यों के अनुकूल मंच प्रदान करती है और आधुनिक भारत के निर्माण में उसका बड़ा योगदान है। स्वतंत्र सिंह ने कहा कि वे पार्टी के संघर्ष के दौर में छोटी-मोटी सेवाएं देकर उसे मजबूत करना चाहते हैं, क्योंकि विपक्ष ही दबी-कुचली आवाजों को मंच देता रहा है।
विदिशा के कवि और लेखक एडवोकेट महेंद्र वर्मा, जो छात्र राजनीति के समय से एनएसयूआई से जुड़े रहे हैं, ने भी प्रदेश प्रवक्ता पद के लिए आवेदन किया है। उनकी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे 2004 से पार्टी में काम मांग रहे थे और अब राहुल गांधी के टैलेंट हंट कार्यक्रम से उन्हें मौका मिलने की उम्मीद है।
ऑस्ट्रेलिया की मेलबर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए करने वाले ग्वालियर के प्रांजल तिवारी, जो एक नेशनल टेनिस खिलाड़ी भी रहे हैं, ने भी कांग्रेस से जुड़ने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं को राजनीति में आगे आना चाहिए और कांग्रेस ऐसे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती है।
टैलेंट हंट प्रक्रिया और नियुक्तियां
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल यादव ने बताया कि टैलेंट हंट की शुरुआत ग्वालियर से हुई थी, जिसके बाद भोपाल सहित विभिन्न जिलों में इंटरव्यू आयोजित किए गए। हजारों रजिस्ट्रेशन में से 1000 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनकी योग्यता परखने के लिए पूरे प्रदेश को 5 जोन में बांटा गया है। यह प्रक्रिया 16 फरवरी को ऑनलाइन आवेदन के साथ शुरू हुई थी, जिसकी अंतिम तिथि 28 फरवरी थी।
इस टैलेंट हंट के माध्यम से प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पर नए प्रवक्ताओं और रिसर्च कॉर्डिनेटरों की टीम तैयार की जाएगी। चयन प्रक्रिया में किताबी डिग्री या अनुभव के बजाय 'हुनर' को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका उद्देश्य हर संभाग और हर जिले में प्रवक्ता और रिसर्च कॉर्डिनेटर नियुक्त करके जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करना है।
Vivek Singh