केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आज एक महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि एक दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ प्रधानमंत्री की मुलाकात हुई थी। मंगलवार को केंद्रीय राज्य मंत्री जॉन कुरियन ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया था और भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा। कुरियन अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री थे। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
कैबिनेट फेरबदल के संकेत
पद्म पुरस्कार समारोह के बाद प्रधानमंत्री का राष्ट्रपति से मिलना, इस बात के संकेत दे रहा है कि केंद्र सरकार जल्द ही अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल कर सकती है। ऐसी चर्चा है कि इस बार आम आदमी पार्टी (आप), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और उद्धव ठाकरे गुट से आए सांसदों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
दो मंत्रियों का राज्यसभा टिकट कटना
केंद्रीय मंत्री जॉन कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू को भाजपा ने हालिया राज्यसभा चुनावों में दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। कुरियन का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया और उन्होंने मंत्री पद छोड़ दिया। रवनीत सिंह बिट्टू का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है, लेकिन उन्होंने अभी इस्तीफा नहीं दिया है। हालांकि, बिट्टू ने पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा जाहिर की है और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं।
'एक व्यक्ति-एक पद' फॉर्मूले का असर
भाजपा के 'वन मैन, वन पोस्ट' सिद्धांत का पालन भी फेरबदल का एक कारण माना जा रहा है। हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा अध्यक्ष बनाए जाने और वे केंद्र में मंत्री भी हैं। इसी तरह पंकज चौधरी उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और वित्त राज्य मंत्री हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिलने के बाद ऐसे नेताओं को मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है।
फेरबदल के पीछे राजनीतिक समीकरण
इस बीच, शिवसेना नेता रामदास कदम ने दावा किया है कि उद्धव गुट के सातवें सांसद भी शिंदे गुट में शामिल होना चाहते थे, लेकिन कैबिनेट मंत्री पद की मांग पर बात नहीं बनी।
Amit Pateria