केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने मानी एपस्टीन से मुलाकात, आरोपों को बताया बेबुनियाद
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को स्वीकार किया कि वह यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से तीन या चार बार मिले थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सभी मुलाकातें पूरी तरह से पेशेवर थीं, जो इंडिपेंडेंट कमीशन ऑन मल्टीलेटरलिज्म और अन्य अंतरराष्ट्रीय कार्यों से जुड़ी थीं।
राहुल गांधी ने लोकसभा में उठाया था मुद्दा
पुरी ने बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लोकसभा में एपस्टीन विवाद में उनका नाम लिए जाने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने एपस्टीन के आपराधिक मामलों से अपना कोई संबंध होने के आरोपों को सिरे से बेबुनियाद बताया। पुरी ने कहा कि मई 2009 से न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से 2017 में मंत्री बनने तक की अवधि के 30 लाख ईमेल जारी किए गए हैं। इस दौरान, केवल तीन या चार बैठकों का ही जिक्र मिलता है और उनकी बातचीत पूरी तरह से पेशेवर थी।
दरअसल, राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में एपस्टीन फाइल्स को लेकर पुरी का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, "अनिल अंबानी को जेल क्यों नहीं हुई? क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। मैं जानता हूं कि उनको एपस्टीन से किसने मिलवाया था। हरदीप पुरी भी जानते हैं कि किसने मिलवाया था।"
किसी भी गलत गतिविधि से इनकार
पुरी ने यह भी बताया कि वे लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन से भी मिले थे, लेकिन यह मुलाकात भारत में इंटरनेट और कारोबार के अवसरों पर पेशेवर चर्चा के लिए थी। पुरी ने साफ कहा कि इन मुलाकातों का किसी भी तरह की गलत गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने कहा कि वे उस समय एक निजी नागरिक के रूप में भारत के अवसरों के बारे में अपनी समझ साझा कर रहे थे।
कांग्रेस का अनिल अंबानी पर दावा
कांग्रेस ने 1 फरवरी को लगातार दूसरे दिन एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा उठाया था। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दो पोस्ट शेयर कीं। इनमें अनिल अंबानी और अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच 16 मार्च 2017 को हुई चैट का स्क्रीनशॉट साझा किया गया। इन चैट्स में अनिल अंबानी, एपस्टीन से कुशनर और बैनन (ट्रम्प के करीबी) से मुलाकात में मदद मांगते नजर आ रहे हैं। साथ ही ट्रम्प-मोदी की मुलाकात में भी एपस्टीन की मदद मांग रहे हैं। खेड़ा की दूसरी पोस्ट में 24 मई 2019 को जेफ्री एपस्टीन और स्टीव बैनन के बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट था। इसमें एपस्टीन ने बैनन से कहा है कि मोदी की मीटिंग सच में दिलचस्प थी और मोदी के 'आदमी' ने उसे बताया कि वॉशिंगटन (अमेरिका) में कोई भी उससे बात नहीं करता। इससे पहले 31 जनवरी को खेड़ा ने दावा किया था कि पीएम मोदी ने मानव तस्करी, नाबालिगों के यौन शोषण और बलात्कार के दोषी जेफ्री एपस्टीन की सलाह मानी थी।
सरकार का पहले का बयान
एपस्टीन फाइल्स पर विदेश मंत्रालय का बयान भी आया था। इसमें कहा गया था कि हमने एपस्टीन फाइल्स से जुड़े एक ई-मेल को लेकर आई खबरें देखीं, जिनमें पीएम के इजराइल दौरे का जिक्र है। जुलाई 2017 में पीएम का इजराइल जाना आधिकारिक और सच बात है। ई-मेल में इसके अलावा कही गईं बाकी बातें एक दोषी की मनगढ़ंत और बेकार बातें हैं, जिन्हें पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए।
कौन था जेफ्री एपस्टीन?
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का एक करोड़पति फाइनेंसर था, जिसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया और 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया, लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया और वह 20 साल की सजा काट रही है।
अनिल अंबानी से जुड़ी चैट के अन्य खुलासे
अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी एपस्टीन दस्तावेजों में अनिल अंबानी से जुड़े नए खुलासे सामने आए हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ये दस्तावेज एपस्टीन और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच 2017 से 2019 के दौरान हुई बातचीत से जुड़े हैं, जिनमें कारोबार, वैश्विक मामलों और महिलाओं को लेकर चर्चा हुई।
L. N. Bhargava