केरल निकाय चुनाव में बीजेपी की मुस्लिम उम्मीदवार मुमताज की चौंकाने वाली जीत
केरल के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे शनिवार को घोषित हुए, जिनमें कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने समग्र रूप से अच्छा प्रदर्शन किया। इस चुनावी तस्वीर के बीच भारतीय जनता पार्टी की मुस्लिम उम्मीदवार मुमताज ने त्रिशूर कॉर्पोरेशन के एक हिंदू बहुल वार्ड से जीत दर्ज कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
त्रिशूर के हिंदू बहुल कन्ननकुलंगारा वार्ड से जीत
मुमताज ने त्रिशूर कॉर्पोरेशन चुनाव में कन्ननकुलंगारा वार्ड, जो कॉर्पोरेशन के 35वें डिवीजन के रूप में जाना जाता है, से जीत हासिल की। यह क्षेत्र मुख्य रूप से हिंदू आबादी वाला माना जाता है। मुमताज ने यहां से कांग्रेस उम्मीदवार सिंधु चक्कोलयिल को पराजित करते हुए यह सीट कांग्रेस से छीन ली।
आठ साल से भाजपा के साथ, अल्पसंख्यक मोर्चे में जिम्मेदारी
मुमताज और उनका परिवार पिछले आठ वर्षों से भाजपा के कार्यकर्ता और समर्थक के रूप में जुड़े हुए हैं। बीते दो सालों में उन्हें पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चे में भी जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जहां उनकी भूमिका चेन्नई में रही। पार्टी से सक्रिय रूप से जुड़े रहने के साथ-साथ मुमताज त्रिशूर में एक पेट ग्रूमिंग शॉप भी चलाती हैं।
उन्होंने पहले कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के विजन ने उन्हें भाजपा का समर्थक बनने के लिए प्रेरित किया। टिकट मिलने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह लगभग आठ वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रही हैं और अपने व्यवसाय तथा निजी जीवन के साथ-साथ समाज के लिए भी सक्रिय रूप से समय निकालती हैं।
केरल निकाय चुनावों में समग्र परिणाम
केरल में हुए इन स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों में छह नगर निगमों में से चार पर कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने जीत दर्ज की। वाम मोर्चा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को एक-एक नगर निगम पर जीत मिली।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम में एनडीए ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। माकपा नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को पराजित करते हुए एनडीए ने वहां लगातार 45 वर्षों से चल रहे वामपंथी शासन का अंत कर दिया। तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्डों में से भाजपा को 50 वार्डों में जीत प्राप्त हुई।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और असर
इन नतीजों के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केरल के लोगों को यूडीएफ पर भरोसा जताने के लिए सलाम किया और चुनाव परिणामों को निर्णायक और उत्साहजनक जनादेश बताया। दूसरी ओर, तिरुवनंतपुरम और त्रिशूर जैसे क्षेत्रों में भाजपा की सफलता, विशेषकर मुमताज की जीत, राज्य की स्थानीय राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गई है।
केरल की इस चुनावी तस्वीर से संकेत मिलता है कि जहां यूडीएफ ने नगर निगम स्तर पर बढ़त बनाए रखी है, वहीं भाजपा और एनडीए ने भी कुछ महत्वपूर्ण शहरी निकायों में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। मुमताज जैसी उम्मीदवारों की जीत पार्टी के सामाजिक आधार में विविधता का उदाहरण भी पेश करती है।
Arvind Vishwakarma