खजुराहो में दो दिवसीय कैबिनेट बैठक, राजनगर में लाड़ली बहना सम्मेलन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार के दो वर्ष पूरे होने के मौके पर राज्य सरकार विभागवार उपलब्धियों और लंबित कार्यों की समीक्षा कर रही है। इसी क्रम में सोमवार और मंगलवार को मुख्यमंत्री, पूरा मंत्रिमंडल और सचिवालय खजुराहो में डेरा डालेगा, जहां विभिन्न विभागों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
खजुराहो में मंत्रिमंडल बैठक और विभागीय समीक्षा
खजुराहो में दो दिनों तक 14 प्रमुख विभागों की समीक्षा प्रस्तावित है। इनमें खाद्य नागरिक आपूर्ति, वाणिज्यिक कर, पशुपालन एवं डेयरी विकास, नगरीय विकास एवं आवास, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई, जनजातीय कार्य विभाग, अनुसूचित जाति विकास, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग विभाग, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, खनिज विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) शामिल हैं।
इसी दौरान मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की औपचारिक बैठक भी खजुराहो में ही आयोजित की जाएगी। समीक्षा बैठकों के माध्यम से सरकार अपने दो वर्ष के कार्यकाल के दौरान हुई प्रगति और छूटे हुए कार्यों का आकलन करेगी।
लाड़ली बहना योजना की किश्त और सम्मेलन
खजुराहो प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लाड़ली बहना योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 1500 रुपये की राशि ट्रांसफर करेंगे। इसके बाद 9 दिसंबर को छतरपुर जिले के राजनगर स्थित सती की मढ़िया में लाड़ली बहना सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से संवाद करेंगे और प्रदेशभर की 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में दिसंबर महीने की किस्त ट्रांसफर करेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार योजना के क्रियान्वयन की स्थिति और लाभार्थियों से सीधे फीडबैक भी प्राप्त करेगी।
संस्कृतिक कार्यक्रम, भ्रमण और विकास कार्य
मुख्यमंत्री खजुराहो में आदिवर्त संग्रहालय का भ्रमण करेंगे और वहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही वे महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्तियों का अनावरण भी करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पन्ना टाइगर रिजर्व, कुटनी रिसॉर्ट डैम और रनेह फॉल का भी भ्रमण करेंगे। इसके अलावा 270.55 करोड़ रुपये के 9 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा और 240.10 लाख रुपये के 20 विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा।
निष्कर्ष
दो दिवसीय खजुराहो कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार एक ओर अपने दो साल के शासन की विभागवार समीक्षा कर रही है, वहीं दूसरी ओर लाड़ली बहना योजना के तहत आर्थिक सहायता जारी रखकर सामाजिक कल्याण संदेश भी दे रही है। साथ ही, सांस्कृतिक और पर्यटन से जुड़े कार्यक्रमों तथा विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के जरिए क्षेत्रीय विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।
Amit Pateria