भोपाल मेट्रो शेड्यूल तय, हर 30 मिनट में फेरा

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भोपाल मेट्रो शेड्यूल तय, हर 30 मिनट में फेरा

भोपाल मेट्रो के कमर्शियल रन से पहले शेड्यूल पर मंथन

भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी से मंजूरी मिलने के बाद अब इसका कमर्शियल रन नजदीक है। सुभाषनगर से एम्स स्टेशन तक चलने वाले इस कॉरिडोर के शेड्यूल, संचालन समय और किराए को अंतिम रूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं।

प्रायोरिटी कॉरिडोर पर हर 30 मिनट में मेट्रो

ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी रूट की लंबाई 6.22 किलोमीटर है, जो सुभाषनगर से एम्स तक बनाई गई है। इस हिस्से में कुल 8 मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। योजना के अनुसार, शुरुआती चरण में इस रूट पर हर 30 मिनट में मेट्रो का संचालन किया जाएगा।

जब पूरा 16 किलोमीटर लंबा ऑरेंज लाइन रूट, यानी एम्स से करोंद तक का हिस्सा चालू हो जाएगा, तब फ्रीक्वेंसी को और बेहतर बनाते हुए ट्रेन हर 10 मिनट में चलाने का प्रस्ताव है। इससे यात्रियों को तेज और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।

संचालन का समय और यात्रियों की सुविधा

मेट्रो के संचालन के लिए सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक का समय तय किया जा सकता है। इस 12 घंटे के शेड्यूल पर सहमति बनने की संभावना अधिक है, क्योंकि इसी अवधि में एमपी नगर, एम्स और सुभाषनगर की दिशा में सबसे अधिक ट्रैफिक दर्ज होता है।

एमपी नगर और आसपास के इलाकों में अधिकतर सरकारी और निजी कार्यालय स्थित हैं, ऐसे में ऑफिस आने-जाने वाले कर्मचारियों को मेट्रो से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रबंधन का मानना है कि इस समय-सारिणी से यात्रियों की संख्या भी बेहतर रहेगी।

स्टेशन तैयार, सुविधाओं की अंतिम जांच

प्रायोरिटी कॉरिडोर के सभी 8 स्टेशनों पर यात्रियों के लिए बेसिक सुविधाओं को लगभग पूरा कर लिया गया है। स्टाफ की तैनाती, टिकट काउंटरों की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और अन्य लॉजिस्टिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

स्टेशनों पर लगे लिफ्ट और एस्केलेटर की फाइनल टेस्टिंग की जा रही है और साथ ही स्टेशन परिसर को सजाया भी जा रहा है। लक्ष्य है कि 10 दिसंबर तक सभी तकनीकी और सौंदर्यीकरण से जुड़ी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

लोकार्पण की संभावित तारीख और पीएम की भूमिका

मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए 13 दिसंबर को संभावित तारीख के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो का उद्घाटन कर सकते हैं, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वे कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे या वर्चुअल माध्यम से।

फिलहाल यह तारीख अंतिम रूप से तय नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री कार्यालय से आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं हुआ है। इसके बावजूद सभी तैयारियां 13 दिसंबर को ध्यान में रखते हुए की जा रही हैं, ताकि किसी भी स्थिति में कार्यक्रम में देरी न हो।

कॉमर्शियल रन में समय और ट्रेनें

भोपाल में ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी रूट पर कॉमर्शियल रन के दौरान मेट्रो को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने में लगभग 2 से 5 मिनट का समय लगेगा। इससे छोटे अंतराल में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह एक तेज विकल्प साबित होगा।

भोपाल में कुल 27 मेट्रो ट्रेनों का प्रावधान है, जिनमें से अब तक 9 ट्रेनें आ चुकी हैं। इन सभी पर ट्रैक पर ट्रायल रन जारी है, ताकि नियमित संचालन शुरू होने से पहले सभी सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और मानक के अनुरूप हो सकें।

निष्कर्ष: अंतिम चरण में पहुंची मेट्रो की तैयारी

कुल मिलाकर भोपाल मेट्रो अपने कमर्शियल रन के बिल्कुल नजदीक है। शेड्यूल, फ्रीक्वेंसी और संचालन समय को लेकर अंतिम मंथन जारी है, जबकि स्टेशन और ट्रेनें लगभग तैयार स्थिति में हैं। लोकार्पण की आधिकारिक तारीख भले ही अभी तय न हो, लेकिन 13 दिसंबर को लक्ष्य मानकर काम किया जा रहा है।

यदि योजना के अनुसार सब कुछ समय पर पूरा हो जाता है, तो भोपाल के रोजाना आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को जल्द ही मेट्रो की सुविधा मिलेगी, जिससे शहर के प्रमुख क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव कम होने और सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता बढ़ने की उम्मीद है।

Adarsh Chaurasiya