मुख्यमंत्री ने किसानों को दी बड़ी राहत, 653 करोड़ की राशि जारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को प्रदेश के 13 जिलों के 8.84 लाख किसानों को 653 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि ट्रांसफर की। यह सहायता सोयाबीन फसल में हुए नुकसान के लिए दी गई है। इस राहत राशि में पीले मोजेक कीट से प्रभावित फसल के लिए 322 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
पहली बार पीले मोजेक रोग से प्रभावित किसानों को सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार सोयाबीन की फसल में पीले मोजेक रोग से प्रभावित किसानों को राहत राशि दी जा रही है। इस योजना के तहत 4 लाख 94 हजार 605 किसानों को सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से किसानों से बात करते हुए कहा कि उनकी सरकार किसानों के हित में हरसंभव कदम उठाएगी।
भावांतर योजना से किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना का पंजीकरण भी शुरू कर दिया गया है। इस योजना के तहत यदि किसान अपनी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम कीमत पर बेचते हैं, तो उन्हें एमएसपी और बिक्री मूल्य के अंतर की राशि 15 दिनों के भीतर उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
सोयाबीन और गेहूं की एमएसपी में बढ़ोतरी
इस वर्ष सोयाबीन की एमएसपी 500 रुपये बढ़कर 5328 रुपये हो गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने गेहूं की फसल के लिए भी एमएसपी में बढ़ोतरी की है, जो किसानों की समृद्धि के लिए कारगर साबित होगी।
अन्य जिलों के किसानों को भी सहायता
मुख्यमंत्री ने बुरहानपुर जिले के केला उत्पादक किसानों को भारी बारिश से हुए नुकसान के लिए 3.39 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की। किसान पांडुरंग बिट्ठल और विनोद पुंडलिक ने बताया कि उन्हें प्रति हेक्टेयर 2 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। इसके अलावा, मंडला में धान और मक्का की फसल के नुकसान के लिए 53 हजार रुपये और सिवनी में एक मकान ढहने पर 92 हजार रुपये की सहायता दी गई।
किसानों की मुस्कान बनी सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य है। जब तक सभी प्रभावित किसानों को सहायता राशि नहीं मिल जाती, तब तक उनकी सरकार चैन से नहीं बैठेगी।