किश्तवाड़ में आतंकी को पनाह देने वाला शिक्षक गिरफ्तार, पुंछ में घुसपैठ की कोशिश में एक आतंकी ढेर
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने सरकारी स्कूल के एक शिक्षक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को पनाह, खाना और दूसरी मदद देने का आरोप है। गिरफ्तार शिक्षक की पहचान मशकूर अहमद के रूप में हुई है, जो इंदरवाल के एक सरकारी स्कूल में तैनात है। उसके खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट का आरोप
अधिकारियों के मुताबिक, मशकूर अहमद चटरू इलाके में आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देता था। यह मामला 4 फरवरी 2026 को डिच्छर-चटरू में हुए एनकाउंटर से जुड़ा है, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी आदिल मारा गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, मशकूर अहमद जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर सैफुल्लाह के संपर्क में था। आरोपी के घर से सैफुल्लाह की एक तस्वीर मिली है, जिसमें उसे नोटों की माला पहनाई गई थी, जिसे आतंकी संगठन से करीबी संबंध का संकेत माना जा रहा है।
पुंछ में घुसपैठ का प्रयास विफल
इधर, पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में LoC पर बुधवार को घुसपैठ की कोशिश कर रहे एक पाकिस्तानी आतंकी को भारतीय सेना ने मार गिराया। उसके पास से IED से जुड़ा सामान बरामद हुआ है। एक अन्य आतंकी घायल हुआ है।
जैश कमांडर सैफुल्लाह का नेटवर्क
जैश कमांडर सैफुल्लाह 22 फरवरी 2026 को चटरू में सुरक्षा बलों के ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ में दो विदेशी आतंकियों के साथ मारा गया था। कहा जाता है कि सैफुल्लाह ने लगभग पांच साल पहले जम्मू और कश्मीर में घुसपैठ की थी और वह सुरक्षा बलों पर कई जानलेवा हमलों का मास्टरमाइंड था, जिसमें जुलाई 2024 का हमला भी शामिल है, जिसमें चार सैनिक मारे गए थे। 25 फरवरी को भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने किश्तवाड़ से आतंक के नेटवर्क के खात्मे की घोषणा की थी, जिसमें जैश का कमांडर सैफुल्लाह भी मारा गया था।
सेना के 2026 के ऑपरेशन
2026 में सेना ने किश्तवाड़ में दो बड़े ऑपरेशन चलाए थे। ऑपरेशन त्राशी-1, जो 18 जनवरी को शुरू हुआ था और 31 जनवरी तक चला, जिसमें 3 आतंकी मारे गए थे। वहीं, 4 फरवरी को बसंतगढ़ के जोफर फॉरेस्ट एरिया में चलाए गए ऑपरेशन ‘किया’ में दो आतंकी मारे गए थे।
Adarsh Chaurasiya