NEET परीक्षा विवाद: सुप्रीम कोर्ट में याचिका, CBI जांच और पेपर लीक का खुलासा
NEET UG 2024 परीक्षा में गड़बड़ियों के बाद फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में परीक्षा दोबारा कराने की मांग की गई है, साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गवर्निंग बॉडी के पुनर्गठन की मांग की है।
CBI की जांच और गिरफ्तारियां
इस मामले की जांच कर रही CBI महाराष्ट्र के नासिक पहुंची, जहां आरोपी शुभम खैरनार को हिरासत में लिया गया। इससे पहले हरियाणा के गुरुग्राम से भी BAMS प्रथम वर्ष के एक छात्र को राजस्थान पुलिस ने हिरासत में लिया था। NTA ने 12 मई को पेपर लीक के बाद NEET परीक्षा रद्द करने की घोषणा की थी, यह मानते हुए कि गड़बड़ी हुई है। परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसमें 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे।
NTA की स्वीकारोक्ति और सरकार का कदम
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने 12 मई को स्वीकार किया था कि गड़बड़ी के लिए NTA जिम्मेदार है और परीक्षा दोबारा कराई जाएगी, जिसकी नई तारीख 6 से 8 दिनों में घोषित की जाएगी। केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंप दी है, जिसने FIR दर्ज की है। NTA ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।
NEET परीक्षा का पेपर 'क्वेश्चन बैंक' के माध्यम से लीक किया गया था, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। इन सवालों की लिखावट एक ही थी और इनमें से 150 सवाल NEET परीक्षा में हूबहू आए। यह 'क्वेश्चन बैंक' केरल से राजस्थान भेजा गया था, जहां से यह विभिन्न छात्रों और करियर काउंसलरों तक पहुंचा। 3 मई को परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने पुलिस और NTA को इसकी शिकायत दी थी। 6-7 मई को पेपर से जुड़ी ऑनलाइन चैट वायरल होने के बाद इस 'क्वेश्चन बैंक' को लेकर चर्चाएं तेज हुईं। 7 मई को NTA ने गड़बड़ी की बात स्वीकार की और 8 मई को जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपी गई। 10 मई तक राजस्थान पुलिस ने सीकर और आसपास के इलाकों से 13 लोगों को गिरफ्तार किया था।
विभिन्न प्रतिक्रियाएं
इस मामले पर राजनीतिक नेताओं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी हस्तियों ने भी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने NTA के DG को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक मामलों में राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाया। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस व्यवस्था को भ्रष्ट बताया। वहीं, ALLEN के CEO नितिन कुकरेजा ने NEET को JEE की तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में बदलने का सुझाव दिया है, ताकि पेपर लीक का खतरा कम हो सके।
2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक के चलते कुछ सेंटर्स पर रद्द कर दी गई थी। उस समय भी कई गिरफ्तारियां हुई थीं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था। 2024 के विवाद के बाद, केंद्र सरकार ने पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी गठित की थी, जिसने कई सुझाव दिए थे।
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है, जिसके माध्यम से देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है।
Janmejay Chaturvedi