कफ सिरप से मौतों पर केंद्र सरकार सख्त, 6 राज्यों की 19 यूनिट की जांच

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कफ सिरप से मौतों  पर केंद्र सरकार सख्त, 6 राज्यों की 19 यूनिट की जांच

कफ सिरप से बच्चों की मौतों पर केंद्र सरकार सख्त, गुणवत्ता जांच तेज

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों के मामले ने केंद्र सरकार का ध्यान खींचा है। इस मुद्दे पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें दवाओं की गुणवत्ता, उनकी निगरानी और बच्चों के इलाज में तर्कसंगत उपयोग पर चर्चा की गई।

छिंदवाड़ा की घटना ने बढ़ाई चिंता

छिंदवाड़ा के परासिया इलाके में दूषित कफ सिरप के कारण बच्चों की मौतों की रिपोर्ट सामने आने के बाद, प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के तहत नागपुर की मेट्रोपॉलिटन सर्विलांस यूनिट ने इस घटना की सूचना स्वास्थ्य मंत्रालय को दी। इसके बाद, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी), और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के विशेषज्ञों की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।

कफ सिरप की गुणवत्ता को लेकर गहन जांच

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कफ सिरप और अन्य दवाओं की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए 6 राज्यों की 19 दवा निर्माण इकाइयों में रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन (आरबीआई) किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने दवा निर्माताओं से संशोधित शेड्यूल एम का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया।

शुरुआती जांच के नतीजे

अब तक 19 दवाओं के सैंपल की जांच में 10 सैंपल की रिपोर्ट आई है, जिसमें 9 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरे, जबकि एक कफ सिरप 'कोल्ड्रिफ' में अनुमत सीमा से अधिक डायथिलीन ग्लाइकोल (डीईजी) पाया गया। तमिलनाडु में स्थित इस सिरप के निर्माता के खिलाफ नियामक कार्रवाई शुरू की गई है और उनका लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की गई है।

राज्यों को दिए गए निर्देश

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों को निगरानी बढ़ाने और समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों में खांसी की दवाओं के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया, क्योंकि खांसी सामान्यत: अपने आप ठीक हो जाती है। इसके अलावा, आउटब्रेक रिस्पांस टीम ने जांच और समन्वय को मजबूत करने के लिए काम तेज कर दिया है।

विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने बच्चों को कफ सिरप के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए इसके संयोजन के उपयोग से बचने की सलाह दी। जल्द ही डॉक्टरों, फार्मेसिस्टों और अभिभावकों के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।

इस बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, औषधि नियंत्रक और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में दवा गुणवत्ता मानकों को सख्ती से लागू करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।