कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकी देने वाला एक्टिविस्ट राकेश हांडू गिरफ्तार
गिरफ्तारी और पृष्ठभूमि
बारामूला और स्थानीय पुलिस ने 17 अक्टूबर को हरियाणा के फरीदाबाद स्थित आवास से एक्टिविस्ट राकेश हांडू को हिरासत में लिया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर जम्मू-कश्मीर लाया गया। पुलिस के अनुसार उसके विरुद्ध पर्याप्त सबूत मिले हैं और उस पर आतंकवाद तथा साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। हांडू मूल रूप से बारामूला का निवासी है और वर्तमान में फरीदाबाद में रहता है। वह कश्मीरी पंडित समुदाय से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहा है। वर्ष 2008 में उसने श्रीनगर की हजरतबल विधानसभा सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के विरुद्ध चुनाव लड़ा था, जिसमें उसे पराजय मिली थी।
धमकियों का विवरण और प्रशासनिक कार्रवाई
7 अगस्त से 1 सितंबर के बीच कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को तीन धमकी भरे पत्र प्राप्त हुए। ये पत्र यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) के नाम से टेलीग्राम के माध्यम से भेजे गए थे। पत्रों में कर्मचारियों के नाम, घर के पते, वाहन नंबर और रंग जैसी निजी जानकारियां शामिल थीं। खुफिया एजेंसियां ULC को लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन मानती हैं। धमकियों के बाद प्रधानमंत्री के विशेष रोजगार पैकेज के तहत नियुक्त सैकड़ों कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को लगभग तीन सप्ताह तक कार्यालय न आने का निर्देश दिया गया और उन्हें वर्क फ्रॉम होम (WFH) की अनुमति प्रदान की गई।
पुलिस ने 21 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की थी और हांडू को 26 सितंबर को बारामूला में पेश होने के लिए कहा था। सूत्रों के अनुसार बार-बार बुलाए जाने के बावजूद वह उपस्थित नहीं हुआ। 17 अक्टूबर को उसकी पत्नी को सौंपे गए दस्तावेजों में गिरफ्तारी की सूचना दी गई। पुलिस ने उसे गैर-जमानती अपराध के तहत गिरफ्तार किया है।
प्रधानमंत्री के विशेष रोजगार पैकेज के अंतर्गत अब तक 6,000 कश्मीरी पंडितों को सरकारी नौकरी मिली है। धमकी भरे तीनों पत्रों की तिथियां क्रमशः 7 अगस्त, 23 अगस्त और 1 सितंबर हैं।
Pushpendra Chaubey