पीएम मोदी ने ओडिशा में आरबीआई के दूसरे डेटा सेंटर का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ओडिशा के खुर्दा जिले में भुवनेश्वर के पास इन्फो वैली-II में बने भारतीय रिजर्व बैंक के दूसरे डेटा सेंटर का उद्घाटन किया। यह परिसर 18.55 एकड़ भूमि पर फैला है और नवी मुंबई के खारघर स्थित आरबीआई के मुख्य डेटा सेंटर के लिए डिजास्टर रिकवरी बैकअप के रूप में कार्य करेगा।
अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी प्राकृतिक आपदा, तबाही या हमले में मुंबई स्थित मुख्य डेटा सेंटर प्रभावित होता है, तो ओडिशा केंद्र से बैकअप सेवाएं जारी रहेंगी। इससे देश की संपूर्ण बैंकिंग और भुगतान प्रणाली — जिसमें यूपीआई, आरटीजीएस और एनईएफटी शामिल हैं — में रुकावट नहीं आएगी और डिजिटल भुगतान तथा बैंकिंग व्यवस्था के लंबे समय तक ठप होने का जोखिम घटेगा।
तकनीकी विशेषताएं और सुरक्षा मानक
नया डेटा सेंटर विश्व के सबसे ऊंचे मानकों (टियर-IV) पर निर्मित है। भारी सर्वर और सुपरकंप्यूटर का वजन सहने के लिए इमारत का फर्श मजबूत रीइन्फोर्स कंक्रीट से बनाया गया है। सुरक्षा के लिए बम-प्रूफ दीवारें, एडवांस्ड फायर डिटेक्शन और सप्रेशन सिस्टम लगाया गया है जो बिना पानी के गैस से आग बुझाता है ताकि कंप्यूटर उपकरण खराब न हों। बिजली, इंटरनेट और कूलिंग का बैकअप 2एन+1 फॉर्मेट में है, यानी हर जरूरी संसाधन के दो बैकअप हमेशा तैयार रहेंगे। सर्वर को लगातार चालू रखने के लिए बिजली आपूर्ति, जनरेटर, कूलिंग और कनेक्टिविटी की अतिरिक्त व्यवस्था है। मुंबई-चेन्नई जैसे महानगरों की तुलना में ओडिशा में इंटरनेट और डेटा ट्रैफिक का दबाव कम है।
स्थान चयन के कारण और परियोजना समयरेखा
इस परियोजना का शिलान्यास 22 मार्च, 2023 को तत्कालीन आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने किया था। ओडिशा को तीन प्रमुख कारणों से चुना गया: अपेक्षाकृत कम भूकंपीय जोखिम वाला क्षेत्र होने के कारण, देश की संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से दूरी होने से कुछ सुरक्षा जोखिम कम होते हैं, और मुख्य केंद्र से भौगोलिक दूरी होने से एक ही स्थान की आपदा का दोनों केंद्रों पर असर पड़ने की आशंका घटती है।
Adarsh Chaurasiya