लद्दाख में हिंसा के बाद सोनम वांगचुक गिरफ्तार

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लद्दाख में हिंसा के बाद सोनम वांगचुक गिरफ्तार

लद्दाख में हिंसा के बाद सोनम वांगचुक गिरफ्तार

लद्दाख के प्रसिद्ध सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल भेजा गया है। सरकार ने वांगचुक पर लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनकी गिरफ्तारी किस विशेष मामले में हुई है।

लेह में हिंसा के बाद तनावपूर्ण स्थिति

लेह में पिछले कुछ दिनों से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। 24 सितंबर को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ था, जो हिंसक हो गया। इस हिंसा में चार युवाओं की मौत हो गई, जबकि 80 लोग घायल हुए। घायलों में 40 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। घटना के बाद से लेह में कर्फ्यू लगा हुआ है और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।

सरकार की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की मांग

हिंसा के बाद प्रशासन ने अब तक 60 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की है। इस मुद्दे पर 6 अक्टूबर को दिल्ली में सरकार के साथ बैठक प्रस्तावित है। 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A हटाए जाने के बाद लद्दाख और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया था। उस समय केंद्र सरकार ने राज्य का दर्जा बहाल करने का आश्वासन दिया था।

सोनम वांगचुक का विवादित बयान

हिंसा के बाद सोनम वांगचुक ने ट्विटर पर "GenZ Revolution" शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उनसे इस पर सवाल किया गया, लेकिन उन्होंने इसे फेक न्यूज करार दिया। हालांकि, जब उनसे वीडियो दिखाया गया, तो उनके बयान में असमंजस देखा गया।

आगे की राह

लेह की हिंसा के बाद हालात सामान्य करने के लिए प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत महत्वपूर्ण होगी। प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर 6 अक्टूबर को दिल्ली में बैठक होगी, जिससे समाधान की उम्मीद की जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर लद्दाख के संवैधानिक दर्जे और वहां के निवासियों की मांगों को राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।