लद्दाख में हिंसा के बीच सोनम वांगचुक पर NSA, विदेशी संबंधों की जांच
लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा के बाद सोशल एक्टिविस्ट और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी ने विवाद को और बढ़ा दिया है। शुक्रवार को उन्हें उनके गांव उल्याकटोपो से गिरफ्तार कर राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया गया। उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया है, जिसके तहत उन्हें लंबे समय तक बिना जमानत हिरासत में रखा जा सकता है।
पुलिस करेगी विदेश संबंधों की जांच
लद्दाख के डीजीपी एसडी सिंह जामवाल ने कहा कि पुलिस अब वांगचुक के पाकिस्तान और बांग्लादेश से कथित संबंधों की जांच करेगी। डीजीपी ने बताया कि हाल ही में पाकिस्तान इंटेलीजेंस ऑपरेटिव (PIO) के एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया था, जो कथित तौर पर वांगचुक से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था। इसके अलावा, वांगचुक पाकिस्तान के एक इवेंट में शामिल हुए थे और बांग्लादेश भी गए थे।
हिंसा और कार्रवाई
24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा में चार युवकों की मौत हुई और 80 लोग घायल हो गए थे, जिनमें 40 पुलिसकर्मी शामिल थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने फायरिंग की, जिसे लेकर पुलिस पर सीधे अंधाधुंध फायरिंग के आरोप भी लगे। अब तक 60 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और तीन दिन का कर्फ्यू लगाया गया।
वांगचुक की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रियाएं
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी ने लद्दाख के स्थानीय लोगों के बीच आक्रोश को जन्म दिया है। वांगचुक पिछले पांच वर्षों से लद्दाख के अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर आंदोलन कर रहे थे। स्थानीय लोगों का मानना है कि वह हिंसा भड़काने वाले व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे।
उनके समर्थन में शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर एक युवक तिरंगा लेकर पहुंचा और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।
पुलिस पर गंभीर आरोप
लेह एपेक्स बॉडी (LAB) के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने हिंसा रोकने के लिए चेतावनी के कोई उपाय नहीं किए और सीधे फायरिंग की। उन्होंने इसे अनुचित और अनावश्यक बताया।
गिरफ्तारी से पहले का अंदेशा
वांगचुक ने अपनी गिरफ्तारी का अंदेशा पहले ही जता दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें इस मुद्दे पर गिरफ्तार किया जाता है, तो वह इसे खुशी से स्वीकार करेंगे। लेकिन उनकी गिरफ्तारी ने माहौल को शांत करने के बजाय और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है।
माना जा रहा है कि वांगचुक की गिरफ्तारी का असर केंद्र सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच चल रही बातचीत पर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और उन पर लगाए गए आरोपों ने लद्दाख में पहले से ही संवेदनशील माहौल को और जटिल बना दिया है। पुलिस अब उनके विदेशी संबंधों की जांच कर रही है, लेकिन यह मामला लद्दाख के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।