CM योगी और RSS प्रमुख मोहन भागवत की लखनऊ में मुलाकात, कई मुद्दों पर हुई अहम चर्चा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार शाम लखनऊ के निरालानगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधे घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत हुई। संघ प्रमुख इन दिनों उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं, जहां वे संगठन विस्तार और सामाजिक समरसता पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। गोरखपुर के बाद वे मंगलवार को लखनऊ पहुंचे थे।
संघ प्रमुख के प्रमुख बयान
मुलाकात के दौरान और अपने लखनऊ प्रवास के दौरान मोहन भागवत ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू हैं और वे अरब से नहीं आए हैं, इसलिए 'घर वापसी' का काम तेज होना चाहिए। भागवत ने यह भी जोर दिया कि जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान रखा जाना चाहिए और मंदिर, कुएं व श्मशान सभी हिंदुओं के लिए खुले होने चाहिए, बिना किसी भेदभाव के।
जनसंख्या दर पर चिंता व्यक्त करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। उन्होंने बताया कि जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है, और वर्तमान जनसंख्या दर 2.1 से बढ़कर कम से कम 3 होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से शादी के बाद कम से कम तीन बच्चे पैदा करने का आग्रह किया।
RSS और भाजपा के संबंध पर मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ भाजपा का रिमोट कंट्रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक भाजपा में जाते हैं और आगे भी बढ़े हैं, लेकिन यह कहना गलत है कि संघ भाजपा को चलाता है। उन्होंने अमेरिकी टैरिफ को उनका पुराना तरीका बताते हुए कहा कि वे हथियार और आर्थिक ताकत के दम पर झुकाना चाहते हैं, लेकिन भारत इतना मजबूत है कि उनके आगे झुका नहीं है और इसका देश पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि मंदिरों की देखभाल कौन करेगा। उन्होंने कहा कि देश के धर्माचार्यों को इस पर मंथन करना चाहिए और समाज को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए, जैसे सिख समाज अपने गुरुद्वारों का संचालन बहुत अच्छा करता है।
पहले भी हो चुकी हैं कई मुलाकातें
सीएम योगी आदित्यनाथ और संघ प्रमुख मोहन भागवत के बीच यह पहली मुलाकात नहीं है। इससे पहले अयोध्या में राम मंदिर में धर्म ध्वजा समारोह के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी, जो करीब आधे घंटे तक चली थी। इसके अतिरिक्त, 25 नवंबर 2025 को अयोध्या के साकेत निलयम में 90 मिनट की बैठक हुई थी जिसमें राजनीतिक और आगामी विधानसभा चुनावों पर चर्चा हुई। जून 2024 में लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद गोरखपुर में भी दोनों की दो मुलाकातें हुईं थीं, और 20 अक्टूबर 2022 को प्रयागराज में हुई बैठक में जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ था, जहां सीएम ने उन्हें अयोध्या दीपोत्सव के लिए आमंत्रित किया था।
Bhavanesh Soni