लोकसभा में VB-G RAM G बिल पर जोरदार हंगामा और तीखी राजनीतिक बहस
ध्वनिमत से पारित बिल पर विपक्ष का विरोध जारी
लोकसभा में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक (VB-G RAM G) पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में बिल पर जवाब दिया, जबकि विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंचे और कागज फेंकते रहे। अंततः लोकसभा ने इस बिल को ध्वनिमत से पारित कर दिया और स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।
मनरेगा की जगह नया कानून, समिति को भेजने की मांग ठुकराई
यह विधेयक लगभग 20 साल पुराने मनरेगा कानून (MGNREGA) की जगह लेने वाला है। बुधवार को इस पर 14 घंटे से अधिक बहस हुई, जिसमें 98 सांसदों ने हिस्सा लिया। कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल सहित कई विपक्षी नेताओं ने इसे स्थायी समिति या संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की मांग की, पर स्पीकर ने यह कहते हुए मांग अस्वीकार कर दी कि विधेयक पर पर्याप्त चर्चा हो चुकी है।
शिवराज सिंह चौहान: हम भेदभाव नहीं करते, बापू हमारी प्रेरणा
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करती और महात्मा गांधी उनकी प्रेरणा व श्रद्धा हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए पूरा देश एक है और देश केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि व्यापक भावना है। उन्होंने दावा किया कि उनके विचार संकीर्ण नहीं हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने मनरेगा के नाम को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि योजना का नाम शुरुआत में महात्मा गांधी पर नहीं था, पहले यह नरेगा थी और 2009 के चुनावों से पहले वोट की राजनीति के कारण इसमें महात्मा गांधी का नाम जोड़ा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महात्मा गांधी की बातों का पालन नहीं किया, जबकि गांधी ने आजादी के बाद कांग्रेस को भंग करने की बात कही थी।
नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर योजनाओं का आरोप
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कई योजनाओं और परियोजनाओं के नाम नेहरू-गांधी परिवार पर रखे गए हैं। उनके अनुसार, केवल राजीव गांधी के नाम पर बड़ी संख्या में राज्य सरकार की योजनाएं, सड़कों और राष्ट्रीय उद्यानों के नाम रखे गए। उन्होंने इसे कांग्रेस की “नाम रखने की सनक” बताया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी पहले ही कह चुकी हैं कि उनकी पार्टी इस बिल का विरोध करती है और हर योजना का नाम बदलने की प्रवृत्ति समझ से परे है।
विपक्ष: काम के अधिकार और गांधी की विरासत पर हमला
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार महात्मा गांधी का अपमान कर रही है और गांधी तथा भगवान राम के बीच अनावश्यक भेद पैदा करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा ने करोड़ों गरीबों को सामाजिक सुरक्षा का सेफ्टी नेट दिया और नया विधेयक रोजगार की पूर्व गारंटी को कमजोर करता है। उन्होंने नाथूराम गोडसे के संगठन संबंधों का संदर्भ देते हुए गांधी की हत्या और उनके अंतिम शब्दों “हे राम” का उल्लेख किया।
राज्यसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह केवल नाम बदलने का मुद्दा नहीं, बल्कि काम के अधिकार का सवाल है। उनका आरोप था कि सरकार लोगों से वह अधिकार छीन रही है, जो पिछली सरकार ने दिया था। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर अंत तक संघर्ष करेंगे और राज्यों के जिलों तक आंदोलन ले जाएंगे।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा में कहा कि मनरेगा का नाम बदलना महात्मा गांधी और उनके राम राज्य के विचार का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल इस बात का संकेत है कि सरकार “न किसी का साथ, न किसी का विकास” वाली सोच पर चल रही है।
सत्ता पक्ष का बचाव: अधिक रोजगार गारंटी और भ्रष्टाचार पर हमला
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने तर्क दिया कि संविधान के प्रावधानों के तहत राष्ट्रपिता और अन्य उच्च पदों से जुड़े नामों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और पूछा कि क्या राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के नाम पर कोई योजना है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम पर योजना कैसे हो सकती है और मनरेगा को “भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा” बताया। उनके अनुसार, कांग्रेस चिंतित है क्योंकि वह गांधी के नाम पर धन नहीं कमा पाएगी।
बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने दावा किया कि विकसित भारत VB-G RAM G संशोधन बिल प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विचार को जमीन पर उतारने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जहां मनरेगा 100 दिन के रोजगार की गारंटी देता था, वहीं नया बिल 125 दिन के रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान रखता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 1970 के बाद पहली बार किसी विधेयक पर सदन में 14 घंटे से अधिक चर्चा हुई और स्पीकर ने सभी को बोलने का मौका दिया।
संसद परिसर में मार्च और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का मुद्दा
VB-G RAM G बिल के विरोध में गुरुवार को विपक्ष के 50 से अधिक सांसदों ने संसद परिसर में मार्च निकाला और बिल वापस लेने के नारे लगाए। इसी दौरान विपक्षी सांसदों ने अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित अत्याचारों का मुद्दा उठाते हुए पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया।
अजय भट्ट के बयान पर ठिठोली, वीडियो वायरल
बिल पर चल रही बहस के बीच उत्तराखंड से बीजेपी सांसद अजय भट्ट का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे मजाकिया अंदाज में कहते दिखे कि यदि किसी लड़की की शादी न हो रही हो, नौकरी न मिल रही हो, घर में कलह हो, पति-पत्नी के बीच खटास हो, रिश्ते बिगड़ रहे हों या गाय दूध न दे रही हो, तो “जय राम जय राम जय जय राम” कहने से काम हो जाएगा। उनके बयान पर आस-पास मौजूद सांसद हंसते दिखाई दिए।
वायु प्रदूषण पर समानांतर बहस और विपक्ष की चिंता
लोकसभा में गुरुवार को देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर भी चर्चा का कार्यक्रम रखा गया। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव शाम को इस चर्चा का जवाब देने वाले थे। यह बहस उस समय हो रही है जब दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार “बहुत खराब” श्रेणी में बना हुआ है।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रदूषण के गंभीर प्रभाव का हवाला देते हुए इससे निपटने के लिए व्यवस्थित योजना की जरूरत पर जोर दिया था। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि दिल्ली “गैस चैंबर” जैसी स्थिति में है और केंद्र तथा दिल्ली की पिछली सरकार दोनों को जिम्मेदार बताया। समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने सुझाव दिया कि प्रदूषण कम करने के लिए हर व्यक्ति के पास केवल एक कार हो और पेट्रोल-डीजल की खपत सीमित की जाए। कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा ने पहले विशेष एयर फिल्टर मास्क पहनकर संसद में प्रदूषण का मुद्दा उठाया था।
शीतकालीन सत्र के अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम
शीतकालीन सत्र के दौरान कई अन्य विषय भी चर्चा में रहे। लोकसभा ने शांति विधेयक 2025 पारित किया, जो परमाणु ऊर्जा के सतत उपयोग और विकास से जुड़ा है। विपक्ष ने इसे भी स्थायी समिति को भेजने की मांग की और अस्वीकार होने पर वॉकआउट किया। मनीष तिवारी ने आपूर्तिकर्ताओं की जवाबदेही पर सवाल उठाए और दोषपूर्ण उपकरण से परमाणु दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी से छूट पर आपत्ति जताई।
सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन विधेयक लोकसभा में पेश किए, जिनमें मणिपुर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 पारित किया गया। चुनाव सुधार (SIR) पर चर्चा के लिए 9 दिसंबर को 10 घंटे का समय तय किया गया और 8 दिसंबर को वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर लंबी चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र के दौरान पश्चिम बंगाल के बीजेपी सांसदों से मुलाकात कर राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की और विधानसभा चुनाव जीतने के लक्ष्य पर जोर दिया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी शीर्ष नेताओं को उनसे मिलने नहीं देती। तमिलनाडु के एक DMK सांसद द्वारा एक हाईकोर्ट जज को “RSS जज” कहने पर भी विवाद हुआ।
सत्र में वंदे मातरम् से जुड़े मुद्दों, चुनाव सुधारों पर बहस, गृह मंत्री अमित शाह और राहुल गांधी के बीच आरोप-प्रत्यारोप, लोकसभा में ई-सिगरेट विवाद, प्रदूषण पर योजना बनाने की मांग, पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी को लेकर हंगामा सहित कई राजनीतिक टकराव देखने को मिले।
निष्कर्ष: रोजगार कानून, अधिकारों की बहस और राजनीतिक ध्रुवीकरण
VB-G RAM G बिल के जरिए सरकार ग्रामीण रोजगार और आजीविका को नए ढांचे में पेश करने का दावा कर रही है, जबकि विपक्ष इसे काम के अधिकार, महात्मा गांधी की विरासत और मनरेगा की गारंटी से जुड़ा बड़ा कदम पीछे मान रहा है। संसद के भीतर और बाहर जारी विरोध, समिति को भेजने की अस्वीकृत मांग, और वायु प्रदूषण जैसे समानांतर मुद्दे इस बात की तस्वीर पेश करते हैं कि शीतकालीन सत्र में नीति-निर्माण के साथ-साथ तीखा राजनीतिक ध्रुवीकरण भी प्रमुखता से उभर कर सामने आया है।
Lokendra Mishra