लोकसभा में LPG संकट पर हंगामा: राहुल गांधी ने उठाया मुद्दा, पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने कमी से किया इनकार
गुरुवार को लोकसभा में राहुल गांधी ने देश में LPG संकट का मुद्दा उठाया, जिसके बाद सदन में भारी हंगामा हुआ। उन्होंने इस दौरान पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी पर "एपस्टीन के दोस्त" होने का आरोप भी लगाया, जिससे संसद की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।
ऊर्जा सुरक्षा और एलपीजी संकट पर राहुल गांधी के आरोप
राहुल गांधी ने सदन में कहा कि देश में रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं, एलपीजी को लेकर घबराहट है और सड़क किनारे के विक्रेता प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इसे किसी भी देश की बुनियाद ऊर्जा सुरक्षा से समझौता करार दिया। राहुल ने इस बात पर हैरानी जताई कि अमेरिका यह तय करे कि भारत रूस से गैस या तेल खरीद सकता है या नहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी "घबराए हुए" दिख रहे हैं, बिल्कुल अलग वजहों से, जो "एपस्टीन अदाणी केस" से जुड़ी लगती हैं।
सदन में हंगामा और स्पीकर का हस्तक्षेप
राहुल गांधी के "एपस्टीन के दोस्त" वाले बयान के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को टोकते हुए कहा कि वे केवल उस विषय पर बोलें जिस पर नोटिस दिया गया है। इसके बावजूद, विपक्षी सांसदों ने "एपस्टीन-एपस्टीन" के नारे लगाए। हंगामा बढ़ने के कारण स्पीकर को कार्यवाही शाम 5 बजे तक और फिर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष के सांसदों ने संसद के बाहर भी 'नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब' के नारे लगाए और खाली बर्तन बजाकर प्रदर्शन किया।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने LPG कमी को नकारा
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने लोकसभा में एलपीजी संकट के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में पर्याप्त कच्चा तेल, डीजल, पेट्रोल और गैस सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है। पुरी ने बताया कि एलएनजी कार्गो रोजाना आ रहे हैं, दूसरे मार्गों से भी आपूर्ति जारी है, और एलपीजी का उत्पादन 28% बढ़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि वैकल्पिक ईंधन चैनल सक्रिय किए गए हैं और तीन मंत्रियों की एक कमेटी हालात पर नजर रख रही है। मंत्री ने कहा कि देश में पैनिक खरीदने की वजह से मांग बढ़ी है और सरकार ऐसे हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
स्पीकर बिरला ने नियमों के पालन पर जोर दिया
स्पीकर ओम बिरला ने सदन में नियमों के पालन पर जोर देते हुए कहा कि बिना नोटिस के किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा करना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और नियमों का पालन करने का आग्रह किया। बिरला ने यह भी स्पष्ट किया कि सदन में नियमों से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वे प्रधानमंत्री ही क्यों न हों, और कठोर निर्णय तब लेने पड़ते हैं जब सदस्य सदन की मर्यादा के खिलाफ जाते हैं।
विपक्ष का प्रदर्शन और मांगों पर जोर
टीएमसी सांसद सागरिका घोष और एनसीपी-एसपी सांसद सुप्रिया सुले सहित विपक्षी नेताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने एलपीजी की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की कमी पर सरकार की चुप्पी पर चिंता व्यक्त की। सुप्रिया सुले ने ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाने की अपील की, जबकि अन्य सांसदों ने सरकार से इस मुद्दे पर संसद में चर्चा करने और जनता को आश्वस्त करने की मांग की।
सरकार का आत्मविश्वास और विपक्ष पर पलटवार
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्ष के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी या पेट्रोल की कोई कमी नहीं है, बल्कि पैनिक खरीदने के कारण समस्या पैदा हुई है। उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने और लोकसभा में गरीबों के पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सदन में एलपीजी मुद्दे पर जवाब देगी और सदन में अच्छी परंपरा बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।
लोकसभा में एलपीजी की किल्लत पर चर्चा की मांग और हंगामे के कारण कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा, लेकिन सरकार और विपक्ष दोनों ने अपने रुख पर कायम रहते हुए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहस जारी रखी।
Ravi Yadav