मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदना हुआ महंगा, 1 अप्रैल से लागू हुई नई गाइडलाइन
मध्य प्रदेश में आज, 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ गई हैं। राज्य भर में प्रॉपर्टी गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। प्रदेश की 1 लाख 5 हजार लोकेशन में से 65 हजार लोकेशन पर गाइडलाइन बढ़ाई गई है, जबकि 28,396 लोकेशन पर कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
राज्य भर में औसत 16% की वृद्धि
राज्य भर में प्रॉपर्टी की दरों में औसत 16% तक की बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले साल 13% थी। इस वृद्धि का असर कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में देखा जाएगा, जिससे घर खरीदना और संपत्ति में निवेश करना महंगा हो जाएगा।
भोपाल में 740 लोकेशन पर बढ़ी कीमतें
राजधानी भोपाल में 740 लोकेशन पर प्रॉपर्टी रेट में बढ़ोतरी की गई है। कुछ क्षेत्रों जैसे भानपुर, कोलार रोड, मेंडोरा-मेंडोरी, अयोध्या बायपास और निशातपुरा रोड पर दरों में 20% से लेकर 181% तक की वृद्धि हुई है। केंद्रीय मूल्यांकन कमेटी ने 26 मार्च को नई गाइडलाइन को मंजूरी दी थी, जिसके बाद यह 1 अप्रैल से लागू हो गई है। 31 मार्च को भोपाल में 1296 रजिस्ट्री हुईं, जिनसे 32.35 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
इंदौर में 2625 स्थानों पर दरों में वृद्धि
इंदौर में सबसे ज्यादा 2625 लोकेशन पर गाइडलाइन में वृद्धि हुई है। यहां न्यूनतम 10% और अधिग्रहण वाले गांवों में अधिकतम 200% तक का इजाफा किया गया है। शहरी क्षेत्रों में 70% से 80% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मालाखेड़ी जैसे क्षेत्रों में आवासीय प्लॉट की कीमतें 1600 से बढ़कर 2600 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गई हैं, जबकि कमर्शियल प्लॉट 1600 से 4 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गए हैं।
अन्य शहरों का हाल: उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर
गाइडलाइन वृद्धि के प्रमुख कारण
गाइडलाइन दरों में वृद्धि के कई कारण बताए गए हैं, जिनमें टीएंडसीपी से स्वीकृत नई कॉलोनियां और सुविधाएं (38 लोकेशन), राष्ट्रीय राजमार्ग, बायपास और रिंग रोड (18 लोकेशन), तथा औद्योगिक और विशेष आर्थिक क्षेत्र (3 लोकेशन) शामिल हैं।
क्रेडाई का प्रस्ताव और पारदर्शी प्रक्रिया
क्रेडाई ने महाराष्ट्र की तर्ज पर 3 साल में संपत्ति के री-ट्रांसफर पर स्टाम्प ड्यूटी के समायोजन का सुझाव दिया था, ताकि आर्थिक भार कम हो और निवेश बढ़े। यह अनुशंसा केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजी गई है। पंजीकरण प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए संपदा 2.0 ऑनलाइन सिस्टम लागू है, जिसमें स्थल निरीक्षण और जियो-टैगिंग से फोटो अपलोड होती हैं।
Gulzar Ahmad