मध्य प्रदेश में अब खुशी भी पढ़ाई जाएगी: 4 हजार स्कूलों में आनंद कोर्स शुरू
अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश में एक अनूठी पहल की गई है। अब राज्य के स्कूलों में 'खुशी' यानी आनंद की शिक्षा दी जाएगी। राज्य आनंद संस्थान ने कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए मूल्य शिक्षा (हैप्पीनेस एजुकेशन) का पाठ्यक्रम तैयार किया है। इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लगभग 4 हजार स्कूलों में लागू करने की तैयारी है।
हैप्पीनेस इंडेक्स और कोर्स की रूपरेखा
इस पहल के तहत, वर्ष 2026-27 तक प्रदेश का पहला हैप्पीनेस इंडेक्स भी जारी किया जाएगा। स्कूली पाठ्यक्रम में 32 लेक्चर का मॉड्यूल शामिल किया गया है, जिसे मूल्य शिक्षा के रूप में पढ़ाया जाएगा। भविष्य में इस कोर्स को उच्च शिक्षा में भी लागू करने की योजना है। राज्य आनंद विभाग से अब तक 1.41 लाख आनंदक (स्वयंसेवक) जुड़ चुके हैं, जो इस पहल को जमीनी स्तर पर पहुंचाने में मदद करेंगे।
राष्ट्रीय सेमिनार और आनंद विभाग का सफर
मध्य प्रदेश में स्थापित आनंद विभाग इस वर्ष अपने 10 साल पूरे कर रहा है। इसी उपलक्ष्य में 20 मार्च को भोपाल में ‘आनंद के आयाम- नेशनल सेमिनार ऑन हैप्पीनेस’ का आयोजन किया जाएगा। इस सेमिनार में कई राज्यों के मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी भाग लेंगे, साथ ही श्रीरामचंद्र मिशन के अध्यक्ष कमलेश डी पटेल (दाजी) भी उपस्थित रहेंगे। आनंद संस्थान का बजट 2016-17 में 2 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 15 करोड़ और 2025-26 में 15.30 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि, विभाग का संचालन प्रमुख सचिव और उप सचिव के अलावा केवल 28 डेपुटेशन और संविदा कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है।
17 सवालों पर आधारित होगा हैप्पीनेस इंडेक्स
हैप्पीनेस इंडेक्स के लिए खुशहाली के 17 डोमेन तय किए गए हैं। इन डोमेन को भोपाल, इंदौर, दमोह, सीधी, नरसिंहपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, खरगोन, बड़वानी और भिंड में किए गए पायलट सर्वे के आधार पर निर्धारित किया गया है। इन डोमेन में सकारात्मक-नकारात्मक भावनाएं, समय का उपयोग, आपसी संबंध, जीवन की सार्थकता, लैंगिक समानता, सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन, व्यक्तिगत कुशलता, सुशासन, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, आय, अधोसंरचना, ट्रांसपोर्ट, सामाजिक समावेशिता और संतुष्टि जैसे प्रश्न शामिल हैं। इस सर्वे की निगरानी आईआईटी खड़गपुर द्वारा की जाएगी और इसमें समाज के सभी समूहों को शामिल किया जाएगा, ताकि मध्य प्रदेश की वास्तविक खुशहाली का आकलन किया जा सके।
Pushpendra Chaubey