चांद नहीं दिखने के बाद शनिवार को मनाई जाएगी ईद-उल-फितर
रमजान के 29वें रोजे के बाद गुरुवार शाम शहर में ईद का चांद नजर नहीं आया। मोती मस्जिद समेत अन्य जगहों पर रूयते हिलाल कमेटी ने चांद दिखने की तस्दीक की, लेकिन कहीं से भी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। इसके बाद शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने 30 रोजे पूरे होने के चलते शनिवार को ईद-उल-फितर मनाने का ऐलान किया है। गुरुवार रात तरावीह की आखिरी नमाज अदा की गई, जबकि शुक्रवार को जुमातुल विदा की नमाज होगी, जो इस रमजान का पांचवां जुमा भी है।
ईद की नमाज के समय और फित्रा की दरें तय
मसाजिद कमेटी की बैठक में ईद की नमाज के समय निर्धारित किए गए हैं। ईदगाह में सुबह 7:30 बजे, जामा मस्जिद में 7:45 बजे, ताजुल मसाजिद में 8:00 बजे और मोती मस्जिद में 8:15 बजे नमाज अदा की जाएगी। अन्य मस्जिदों में यह समय 8:30 बजे रहेगा। फित्रा गेहूं के हिसाब से प्रति व्यक्ति लगभग 70 रुपए तय किया गया है। वहीं जौ और खजूर के अनुसार यह राशि अलग हो सकती है। चांदी के वर्तमान भाव के आधार पर अधिकतम फित्रा करीब 1650 रुपए निर्धारित किया गया है।
सकलैनी जामा मस्जिद और शिया समुदाय की मस्जिदों में अलग इंतजाम
अशोका गार्डन स्थित सकलैनी जामा मस्जिद कमेटी ने ऐलान किया है कि चांद नजर नहीं आने के चलते 21 मार्च को ईद-उल-फितर अकीदत के साथ मनाई जाएगी। कमेटी के सदर सूफी नूरुद्दीन सकलैनी ने बताया कि मस्जिद में हर साल की तरह इस बार भी दो जमात में नमाज अदा की जाएगी। पहली नमाज सुबह 7:45 बजे और दूसरी सुबह 8:30 बजे होगी। उन्होंने लोगों से ईद के मौके पर जरूरतमंदों और गरीबों का खास ध्यान रखने की अपील की।
इसी प्रकार, ईद-उल-फितर के मौके पर शिया समुदाय की मस्जिदों और इमामबाड़ों में नमाज के समय अलग-अलग तय किए गए हैं। अलकापुरी भेल और कमला नगर स्थित अज़ाखानों में सुबह 7 बजे नमाज होगी। करोंद और फतेहगढ़ इमामबाड़ा में 8:30 बजे नमाज अदा की जाएगी। इमामी गेट पर 8:45 बजे और रेलवे स्टेशन स्थित इरानी इमामबाड़ा में सुबह 9 बजे नमाज रखी गई है।
Sachin Saxena