मध्य प्रदेश में होली से पहले बसों की हड़ताल: यात्री होंगे परेशान, किराया होगा महंगा
मध्य प्रदेश के 55 जिलों में 2 मार्च को, यानी होली से ठीक दो दिन पहले, बसों की हड़ताल होगी। इस हड़ताल में प्रदेश की लगभग 20 हजार बसें शामिल होंगी, जिनमें 12,780 परमिट वाली और 7 हजार से अधिक कॉन्ट्रैक्ट वाली बसें हैं। सुबह 6 बजे से सभी बसों के पहिए थम जाएंगे, जिसका सबसे ज्यादा असर उन आम यात्रियों पर पड़ेगा जो होली मनाने अपने घर जा रहे हैं।
बस मालिक क्यों कर रहे हैं हड़ताल?
बस संचालक सरकार की नई परिवहन नीति का विरोध कर रहे हैं। इस नीति के तहत सरकार सात कंपनियों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत सभी बसों के टेंडर सौंपने जा रही है। मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के महामंत्री जयकुमार जैन के अनुसार, नई नीति के तहत सरकार लोकल रूट के लिए बसों के परमिट देगी, लेकिन किराया सात नई कंपनियां तय करेंगी। ये कंपनियां किराए का 10 प्रतिशत तक वसूलेंगी, जबकि ड्राइवर, स्टाफ और ईंधन की जिम्मेदारी बस ऑपरेटरों की ही रहेगी। फिलहाल प्रति किलोमीटर किराया 1.25 रुपए है, जिसे नई नीति के बाद बढ़ाकर 1.75 रुपए करने का प्रस्ताव है। ऑपरेटरों ने सरकार को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें पूरी न होने पर प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है।
होली पर घर जाना होगा 5-7 गुना महंगा
हड़ताल के कारण होली के मौके पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बसों का संचालन प्रभावित होने से ट्रेनों में भी अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना है। ऐसी स्थिति में यात्रियों के पास ट्रैवल्स की गाड़ियां और कैब ही एकमात्र विकल्प बचेंगे। उदाहरण के तौर पर, भोपाल से होशंगाबाद जाने का वर्तमान बस किराया 100 रुपए प्रति व्यक्ति है, जो हड़ताल की स्थिति में 1500 से 2000 रुपए तक वसूला जा सकता है। यह सामान्य किराये से 5 से 7 गुना अधिक है। इसी तरह अन्य रूटों पर भी किराये में भारी वृद्धि की संभावना है।
परिवहन मंत्री का बयान
प्रदेश के परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने विधानसभा में बजट सत्र के दौरान इस मामले पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि नई परिवहन नीति से बस ऑपरेटरों को कोई नुकसान नहीं होगा। बस और कंडक्टर उनके ही रहेंगे, सिर्फ सुपरविजन सरकार का होगा। उन्होंने बताया कि अभी मध्य प्रदेश में 14 हजार बसें चल रही हैं, जबकि 16 हजार की आवश्यकता है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि किसी का अहित नहीं होगा और सब कुछ व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है।
Sharad Shrivastava