मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत, आंकड़ा 25 पहुंचा

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मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत, आंकड़ा 25 पहुंचा

मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़ा

मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक इस जहरीले सिरप के कारण 25 बच्चों की जान जा चुकी है। हाल ही में छिंदवाड़ा के मोरडोगरी परासिया निवासी गर्विक (1 वर्ष) की नागपुर के मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई।

डायरेक्टर गिरफ्तार, SIT की बड़ी कार्रवाई

इस मामले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के डायरेक्टर गोविंदन रंगनाथन को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है। राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी टीम ने चेन्नई में दबिश देकर उसे पकड़ा। टीम ने कंपनी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, दवाइयों के नमूने और प्रोडक्शन रिकॉर्ड भी जब्त किए। रंगनाथन पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

मुख्यमंत्री का बयान और स्थिति का जायजा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नागपुर पहुंचे और अस्पताल में भर्ती बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार इस मामले में सहयोग नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री ने दवा कंपनी की जिम्मेदारी तय करते हुए राज्य के ड्रग कंट्रोलर को हटाने और असिस्टेंट कंट्रोलर को निलंबित करने की बात कही। उन्होंने सिरप लिखने वाले डॉक्टर पर भी कार्रवाई की।

जहरीले रसायनों की मात्रा 486 गुना अधिक

जांच में सामने आया कि कोल्ड्रिफ सिरप में डाईएथिलीन ग्लायकॉल (DEG) और एथिलीन ग्लायकॉल (EG) जैसे जहरीले रसायनों की मात्रा 486 गुना अधिक थी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मात्रा न केवल बच्चों के लिए, बल्कि बड़े जानवरों के लिए भी घातक है।

कंपनी की लापरवाही

रिपोर्ट के अनुसार, श्रीसन फार्मा ने नॉन-फार्मास्यूटिकल ग्रेड केमिकल का उपयोग किया, जो दवाई बनाने के लिए उपयुक्त नहीं था। कंपनी ने न तो खरीदे गए केमिकल की गुणवत्ता जांची और न ही इसका कोई रिकॉर्ड रखा। भुगतान कभी नकद तो कभी डिजिटल पेमेंट से किया गया।

सीएम ने विपक्ष पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता तमिलनाडु जाकर प्रदर्शन करें और सवाल उठाएं कि वहां की सरकार ने इस फैक्ट्री को ड्रग लाइसेंस कैसे दिया।

जांच जारी, कंपनी की अन्य दवाएं भी जांच के घेरे में

जांच दल ने कंपनी की बनाई गई अन्य दवाओं के भी नमूने लिए हैं, जिनमें से कुछ स्टैंडर्ड क्वालिटी की पाई गईं। हालांकि, कोल्ड्रिफ सिरप के बैच नंबर SR-13 की 589 बॉटल्स को जब्त किया गया, जिन्हें छिंदवाड़ा भेजा जाना था।

निष्कर्ष

यह घटना दवा निर्माण में लापरवाही और मानकों की अनदेखी का बड़ा उदाहरण है। सरकार ने दोषियों पर कार्रवाई तेज कर दी है, लेकिन यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।