मध्य प्रदेश में कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी ठप: होटल-रेस्टोरेंट और शादियों पर गहराया संकट
मध्य प्रदेश में पिछले दो दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और शादियों से जुड़े कारोबार पर गंभीर असर पड़ा है। भोपाल में अगले 20 दिनों में एक हजार से अधिक शादियां प्रभावित हो सकती हैं। कैटरर्स का कहना है कि यह एक आपातकालीन स्थिति है, क्योंकि एक शादी के लिए तो स्टॉक है, लेकिन आगे की बुकिंग में भोजन कैसे बनेगा, इसकी चिंता है।
किन क्षेत्रों पर पड़ रहा है असर?
कमर्शियल सिलेंडर की कमी का सीधा असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों पर पड़ रहा है। शादियों के अलावा, सोना-चांदी आभूषण बनाने वाले कारीगर और रेहड़ी-पटरी वाले भी इस संकट से जूझ रहे हैं। भोपाल सराफा एसोसिएशन के अनुसार, शहर में लगभग 3 हजार कारीगर हर महीने औसतन 3 सिलेंडर का उपयोग करते हैं, जिससे सराफा कारोबार में रोजाना करीब 300 सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि होटलों के पास कोयला या लकड़ी जलाने का विकल्प नहीं है और इलेक्ट्रिक व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है।
संकट के मुख्य कारण
कमर्शियल सिलेंडर आपूर्ति में बाधा के दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:
1. 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का बंद होना
'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' 167 किलोमीटर लंबा एक जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान-इजराइल युद्ध के कारण यह मार्ग अब सुरक्षित नहीं रहा है, जिससे कोई भी तेल टैंकर यहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा और भारत की 50% कच्चा तेल व 54% एलएनजी आयात इसी मार्ग से होता है।
2. कतर के एलएनजी प्लांट पर ड्रोन हमला
पिछले हफ्ते ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने एलएनजी प्लांट का उत्पादन रोक दिया है। भारत अपनी जरूरत की 40% एलएनजी कतर से आयात करता है, जिससे भारत में गैस की आपूर्ति घट गई है।
सरकार के कदम और प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया
इस संकट के बाद मंगलवार को भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने ऑयल कंपनी के अधिकारियों, चैंबर ऑफ कॉमर्स, होटल इंडस्ट्रीज और गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने, आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने तथा गैस वितरण व्यवस्था की निगरानी के आदेश दिए। कलेक्टर ने घरेलू सिलेंडरों को लेकर किसी भी घबराहट की स्थिति से बचने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कैबिनेट बैठक में पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता की निगरानी के निर्देश दिए हैं, जबकि मंत्री चैतन्य काश्यप ने प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक और घरेलू गैस की सामान्य आपूर्ति की जानकारी दी।
केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए 5 महत्वपूर्ण कदम
केंद्र सरकार ने संकट से निपटने के लिए पांच आवश्यक कदम उठाए हैं:
इन कदमों से सरकार इस आपूर्ति संकट को प्रबंधित करने और आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रही है।
L. N. Bhargava