ईरान-इजराइल युद्ध का असर, MP में कमर्शियल गैस संकट, होटल-रेस्टोरेंट पर बंद होने का खतरा

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ईरान-इजराइल युद्ध का असर, MP में कमर्शियल गैस संकट, होटल-रेस्टोरेंट पर बंद होने का खतरा

मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस संकट गहराया, होटल-रेस्टोरेंट बंद होने का खतरा

ईरान-इजराइल युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस का संकट गहरा गया है। राज्य के कई शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति रोक दी गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। ऑयल कंपनियों ने सोमवार से कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी है, हालांकि सरकार का कहना है कि घरेलू गैस और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य है।

मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में स्थिति

भोपाल में संकट

राजधानी भोपाल में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने ऑयल कंपनियों, गैस एजेंसियों और व्यापार संगठनों की बैठक बुलाई। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अनुसार, कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से शहर के 2000 से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट संकट में आ सकते हैं। शादियों के सीजन में एक बड़े होटल में 10-15 सिलेंडर तक इस्तेमाल होते हैं। सराफा एसोसिएशन के मुताबिक, करीब 3 हजार सोना-चांदी कारीगरों को भी रोजाना 300 सिलेंडर की जरूरत होती है, जो प्रभावित होगी। कलेक्टर ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इंदौर में स्थिति

इंदौर में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है। हालांकि, इंदौर होटल एसोसिएशन के अनुसार अभी कोई बड़ा संकट नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है। होटल संचालकों ने इस मुद्दे पर बैठक बुलाई है और मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारी भी है। घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी में 4-5 दिन लग रहे हैं।

उज्जैन में रेस्टोरेंट बंद होने के कगार पर

उज्जैन में दो दिन से कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। कलेक्टर रोशन सिंह के अनुसार, फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर सिर्फ अस्पताल और स्कूलों को दिए जा रहे हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग अब 25 दिन बाद ही हो सकेगी और डिलीवरी में 5-7 दिन लग सकते हैं, जिससे पैनिक बुकिंग बढ़ी है।

ग्वालियर में बुकिंग बंद

ग्वालियर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है। ग्वालियर-चंबल एलपीजी फेडरेशन के अनुसार, सिर्फ हॉस्पिटल और इमरजेंसी सेवाओं को ही सिलेंडर दिए जा रहे हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी में 5-6 दिन का समय लग रहा है। होटल-रेस्टोरेंट संचालक कारोबार प्रभावित होने की आशंका जता रहे हैं और इंडक्शन चूल्हे का विकल्प तलाश रहे हैं।

जबलपुर में होटल इंडस्ट्री पर असर

जबलपुर में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने गैस सप्लाई कम होने की बात कही है। सरकार ने इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर में सप्लाई सीमित कर दी है, जिससे होटल व्यवसाय प्रभावित हो सकता है।

घरेलू गैस सिलेंडरों की भी वेटिंग, कीमतों में बढ़ोतरी

पांच बड़े शहरों में घरेलू सिलेंडर की भी वेटिंग चल रही है। सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ा दिए हैं, जिससे दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का एलपीजी सिलेंडर अब ₹913 का मिल रहा है। यह बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं। वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम 1 फरवरी को ₹115 बढ़ाए गए थे और यह अब ₹1883 का मिल रहा है।

सरकार द्वारा उठाए गए कदम

केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी चीजों की जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में 'आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955' लागू किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने संकट को देखते हुए तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है।

केंद्र सरकार के 5 महत्वपूर्ण कदम

राज्य सरकार का दावा

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता की निगरानी के निर्देश दिए हैं। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक है और घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने और अधिकृत जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।

सिलेंडर सप्लाई संकट की दो बड़ी वजहें

1. 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का लगभग बंद होना

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का बंद होना है। यह 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान-इजराइल युद्ध के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है, जिससे कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है।

2. प्लांट पर ड्रोन हमले से LNG का प्रोडक्शन रुका

पिछले हफ्ते अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी, जिसके जवाब में ईरान ने यूएई, कतर, कुवैत और सऊदी जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया है। इससे भारत में गैस की सप्लाई घट गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है।

आगे की राह और वैकल्पिक व्यवस्था

इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) केएम ठाकुर का कहना है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार अब अमेरिका जैसे देशों से वैकल्पिक कार्गो मंगाने पर विचार कर रही है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G7 देश अपने इमरजेंसी तेल भंडार से सप्लाई जारी करने पर चर्चा कर रहे हैं, ताकि वैश्विक बाजार में ऊर्जा संकट को कम किया जा सके। रूस और अल्जीरिया से भी अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है।

Sharad Shrivastava