मध्य प्रदेश में पशुपालन का नया युग: ब्रीडर फेडरेशन से बढ़ेगी नस्लों और दूध से कमाई

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मध्य प्रदेश  में  पशुपालन  का नया युग:  ब्रीडर फेडरेशन  से बढ़ेगी  नस्लों  और दूध से  कमाई

मध्य प्रदेश में पशुपालकों के लिए ब्रीडर फेडरेशन का गठन

मध्य प्रदेश में पशुपालन क्षेत्र को केवल दूध उत्पादन तक सीमित न रखकर अब उसे एक पेशेवर मॉडल में बदलने की तैयारी चल रही है। राज्य सरकार ने डेनमार्क और ऑस्ट्रेलिया के मॉडल पर आधारित ब्रीडर फेडरेशन और ब्रीडर एसोसिएशन बनाने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य पशुपालकों को उनकी नस्ल, बाजार और आय पर सीधा नियंत्रण प्रदान करना है।

फेडरेशन की संरचना और क्रियान्वयन

योजना के तहत, राज्य स्तर पर एक मुख्य ब्रीडर फेडरेशन का गठन किया जाएगा, जबकि जिला स्तर पर विभिन्न नस्लों जैसे साहिवाल, गिर, थारपारकर और मुर्रा के पशुपालकों के लिए अलग-अलग एसोसिएशन बनाई जाएंगी। प्रक्रिया की शुरुआत जिलों में चुनाव से होगी, जिसके बाद प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी का चयन किया जाएगा। शुरुआती चरण में प्रशासनिक अधिकारी सचिव की भूमिका निभाएंगे, लेकिन अगले तीन से पांच वर्षों में इन संस्थाओं को पूरी तरह से स्वायत्त बना दिया जाएगा।

सरकारी सहयोग और सदस्यता के मानक

सरकार इन नवगठित संस्थाओं को प्रारंभिक चरण में कार्यालय, फंड और तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता प्रदान करेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रदेशभर में सर्वेक्षण लगभग पूरा हो चुका है, जिसमें लगभग 500 पशुपालकों की पहचान तय मानकों के आधार पर की गई है। इस योजना को अगले एक महीने के भीतर जमीनी स्तर पर उतारने की तैयारी है। फेडरेशन की सदस्यता के लिए कड़े मानक तय किए गए हैं: किसी भी पशुपालक के पास एक ही नस्ल के कम से कम 25 पशु होने चाहिए। यह शर्त नस्लों की आनुवंशिक शुद्धता बनाए रखने और क्रॉस ब्रीडिंग से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक मानी गई है।

पशुपालकों को लाभ

इस नए मॉडल के लागू होने से पशुपालकों की आय केवल दूध बेचने तक सीमित नहीं रहेगी। ब्रीडर फेडरेशन के पास पशुओं के प्रमाणीकरण का अधिकार होगा, जिससे प्रमाणित पशुओं की बाजार कीमत में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, चारा, दवाइयां और उपकरण थोक में खरीदे जा सकेंगे और सदस्यों को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। पशुपालक अपने उत्पादों की सीधी मार्केटिंग भी कर सकेंगे, जिससे बिचौलियों का कमीशन कम होगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर मालवा और निमाड़ के जिलों में अगले छह महीनों में पंजीकरण और पहली बैठकें शुरू होने की संभावना है।

उप संचालक का वक्तव्य

पशुपालन विभाग के उप संचालक डॉ. अजय रामटेके ने बताया, "मप्र में पहली बार ब्रीडर फेडरेशन बनाने की तैयारी है। सर्वे लगभग पूरा हो चुका है और अगले एक महीने में इसे स्वरूप देना शुरू कर देंगे। शुरुआत में सरकारी मदद मिलेगी, बाद में यह स्वायत्त संस्था बनेगी। इसका मकसद एक ही नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देना है।"

Lokendra Mishra