मध्य प्रदेश में शराब की सभी दुकानें नीलाम: सरकार को 20,481 करोड़ का राजस्व

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मध्य प्रदेश में शराब की सभी दुकानें नीलाम: सरकार को 20,481 करोड़ का राजस्व

मध्य प्रदेश में शराब की सभी दुकानें नीलाम: सरकार को 20,481 करोड़ का राजस्व

मध्य प्रदेश में शराब की सभी 3 हजार 553 दुकानें आखिरकार नीलाम हो गईं। इनसे वित्तीय वर्ष 2026-27 में 18,676.80 करोड़ रुपए राजस्व मिलेगा। यह पिछले साल की सालाना वैल्यू से 12.33% अधिक है। आबकारी विभाग की दूसरे स्रोत (भांग व अन्य ) से अनुमानित आय 1775 करोड़ रुपए है।

वित्तीय वर्ष की शुरुआत में आबकारी विभाग को लक्ष्य दिया गया था कि वह 20 हजार 279 करोड़ रुपए राजस्व देगा। इस साल की अनुमानित आय तकरीबन 200 करोड़ रुपए ज्यादा होगी। लेकिन इस बीच सभी दुकानें नीलाम नहीं होने से मुश्किल खड़ी हो गई थी।

सरकार ने निगम-मंडल बनाकर शराब दुकानें संचालित करने की योजना बनाई थी। हालांकि, सभी दुकानों की नीलामी होने से यह तय हो गया कि अब शासन को निगम बनाकर कोई शराब दुकान नहीं चलानी होगी। आबकारी अधिकारियों का कहना है कि 31 मार्च 2026 की स्थिति में सारी दुकानों की नीलामी होनी थी, लेकिन 670 दुकानें रह गईं थीं।

इनसे 1800 करोड़ का राजस्व फंस गया था। इसके बाद विभाग ने कुछ दुकानों की नीलामी के समय रखी गई राशि को घटाया, तब जाकर दुकानें नीलाम होती गईं। दो मार्च से लेकर कुल 24 चरण में नीलामी पूरी हुई। कुछ जगहों पर पिछले साल की तुलना में 65 प्रतिशत तक कम ऑफर मिले थे। इन पर कैबिनेट सब कमेटी ने 18 अप्रैल को निर्णय कर नीलामी की ।

राजस्व की गणना अब एग्रीमेंट वाले दिन से की जाएगी। साफ है कि 19 अप्रैल तक यानी चालू वित्तीय वर्ष के 19 दिन निकल गए। प्रतिदिन के हिसाब से विभाग को 12-13 करोड़ रुपए का नुकसान होना था, लेकिन पूरी नीलामी के बाद यह घाटा भी समायोजित हो गया। अलग-अलग चरणों में जो भी हाईएस्ट रेट मिले, उन्हीं को बाद माना गया।

Bhavanesh Soni