मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड ने पूरे गांव को अपनी संपत्ति घोषित किया

· 1 min read
मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड  ने पूरे गांव को अपनी संपत्ति घोषित किया

मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड ने पूरे गांव को अपनी संपत्ति घोषित किया

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के सिहाड़ा गांव की भूमि को वक्फ बोर्ड ने अपनी संपत्ति घोषित कर दिया है। यह निर्णय ग्राम पंचायत द्वारा स्थानीय दरगाह के पास अतिक्रमण हटाने और तार फेंसिंग हटाने का नोटिस जारी करने के बाद लिया गया। दरगाह कमेटी ने इसके जवाब में भोपाल स्थित वक्फ बोर्ड में शिकायत दर्ज की।

विवादित दावे पर कोर्ट में चुनौती

वक्फ बोर्ड ने गांव की खसरा संख्या 781 के अंतर्गत 1,40,500 हेक्टेयर भूमि को अपनी संपत्ति मान लिया है। साथ ही, मध्य प्रदेश स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल ने कलेक्टर और ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव को नोटिस जारी कर उन्हें 10 नवंबर को भोपाल में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

ग्राम पंचायत का विरोध

ग्राम सरपंच प्रतिनिधि हेमंत चौहान ने वक्फ बोर्ड के दावे को कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। सरपंच कोकिला बाई और सचिव देवराज सिंह सिसोदिया ने वक्फ बोर्ड के दावे को झूठा और मनगढ़ंत बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड या दरगाह कमेटी की ओर से कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

विवाद का इतिहास और भविष्य

सिहाड़ा गांव के इस विवाद में वक्फ बोर्ड का दावा है कि यह भूमि 300 साल पुरानी है और मध्य प्रदेश राजपत्र में 1989 में इसे वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया था। इससे पहले मार्च में वक्फ बोर्ड ने रायसेन जिले के मखनी गांव के सात परिवारों को नोटिस देकर उनके मकानों को वक्फ संपत्ति बताया था। हालांकि उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।

Sachin Saxena